जनेकृविवि के जवाहर प्रांगण में हुआ ध्वजारोहण,समारोह में सांस्कृतिक एवं देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने किया आकर्षित
79वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलपति डॉ. पीके मिश्रा ने किया ध्वजारोहण
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर मुख्यालय का राष्ट्रीयपर्व 79वां स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह, जवाहर कीडांगन में कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य में आयोजित हुआ।
इस दौरान कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने ध्वजारोहण किया और सामूहिक राष्ट्रगान में शामिल होकर सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। समारोह में कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने विश्वविद्यालय की त्रिवेणी कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी अपने उद्बोधन में दी। कुलपति डॉ. मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2024-25 में विशेष रूप से सेम की सेलेक्शन 1 किस्म, अरहर एवं धान की तीन-तीन, सोयाबीन की दो नई उन्नत किस्में विकसित की गई है। विश्वविद्यालय को अनुसंधान नवाचारों पर कृषि एवं कृषि अभियांत्रिकी संबंधित 5 पेटेंट भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये हैं।समारोह में एन्टीरैकिंग कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न आयोजन कृषि महाविद्यालय में पूर्व में आयोजित हुये थे, जिसमें पोस्टर मेकिंग, कार्टूनिंग के प्रतिभागियों को कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक एवं देशभक्ति गीतों की मनोरम प्रस्तुतियां दी गई जिससे पूरा प्रांगण देशभक्ति गीतों से सराबोर हो गया एवं गीत-गायन व संगीत की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।कार्यक्रम का संचालन छात्रा दीपाली एवं आभार प्रदर्शन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा द्वारा किया गया।समारोह में अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकीय संकाय डॉ. अतुल श्रीवास्तव, संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतु, संचालक शिक्षण डॉ. अभिषेक शुक्ला, विश्वविद्यालय के लोकपाल डॉ. ए.के. सरावगी, संचालक प्रक्षेत्र एवं अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. अनीता बब्बर, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा, कुलसचिव डॉ. ए.के.जैन, उपलेखानियंत्रक डॉ. अजय खरे, उपकुलसचिव डॉ. टी.आर.शर्मा, सुरक्षा अधिकारी डॉ.वाय.एम.शर्मा, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. बी.एस. द्विवेदी सहित समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रही। इसके अलावा विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अधिकारी, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारियों की भी उपस्थिति रही।
