लेख / विचार

जब लोग अपने कर्तव्यों को भी समझते हैं, तब वे जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के बारे में सोचते हैं

कर्तव्य-बोध व्यक्ति को एक व्यापक और दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रदान करता है किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की सुदृढ़ता केवल उसके संविधान,...

राजनीति अब सेवा नहीं, एक व्यवसाय बन चुकी है जहाँ भावनाएँ बिकती हैं और वोट खरीदे जाते हैं

कभी राजनीति को सेवा का सबसे पवित्र माध्यम माना जाता था। यह वह मार्ग था, जहाँ व्यक्ति अपने निजी हितों...

जंकफूड-कैंटीन में बिकता धीमा जहर,भविष्य में डायबिटीज़ तथा हार्ट डिज़ीज़ का खतरा

आजकल दोनों माता-पिता वर्किंग हैं। सुबह का समय इतना व्यस्त होता है कि टिफ़िन तैयार करना और बच्चों का पूरा...

लोकतंत्र केवल शासन-प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवंत दायित्व है और यह दायित्व देश के प्रत्येक नागरिक का है

लोकतंत्र को हम आमतौर पर एक राजनीतिक व्यवस्था के रूप में समझते हैं—जहाँ चुनाव होते हैं, सरकारें बनती-बिगड़ती हैं और...

“सोशल मीडिया” समाज के लिए वरदान के साथ अभिशाप भी,सावधानीपूर्वक करें इसका प्रयोग

सोशल मीडिया (Social Media) एक ऐसा ऑनलाइन माध्यम (Online Platform) है, जहाँ लोग आपस में जुड़ते हैं, जानकारी साझा करते...

जैसे जैसे हमारे जीवन में अध्यात्म का प्रवेश होता है वैसे वैसे, हम जीवन में सुख और आनंद अनुभव करते है

जैसे जैसे हमारे जीवन में अध्यात्म का प्रवेश होता है वैसे वैसे हम जीवन सुख और आनंद अनुभव करते है।अध्यात्म...

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