लेख / विचार

लोकतंत्र में नेता बदलते हैं, लेकिन क्या हमारी राजनीतिक सोच भी बदल रही है?

लोकतंत्र में चुनाव केवल सरकार चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज की सोच और प्राथमिकताओं का भी प्रतिबिंब होते हैं।...

धार्मिक आलेख शीर्षक मानस विवाह: निष्ठा का सत्य, शास्त्रों का विधान और कर्म का चक्र

सनातन परंपरा में विवाह केवल दो शरीरों या सामाजिक उत्सवों का नाम नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र और सूक्ष्म...

लगातार हो रहे प्रदर्शन हमारे देश की स्थिति को प्रदर्शित कर रहे हैं, जो वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए चिंताजनक हैं

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ प्रत्येक नागरिक को भारतीय संविधान द्वारा अपने विचार व्यक्त करने, शांतिपूर्ण...

स्वामी माधवन या ज़्येष्ठदेव जैसे महान प्रतिभाओं को तमाम कुचक्रो की वजह से जनमानस के ज्ञान संसार से ही गायब किया गया

हिन्दुओं का ज्यामितीय और खगोलीय ज्ञान अदभुत था :- ईस्ट इण्डिया कंपनी हम न्यूटन को जानते हैं,लेकिन स्वामी ज्येष्ठदेव को...