श्याम भक्ति में झूमे बड़ी संख्या में श्याम प्रेमी क्या बच्चे क्या बूढ़े

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दर पे तेरे आ गए, ओ खाटू के सरकार,कर दे कृपा सांवरे, कर दे सबकी नैया पार! कल्याण में सजा खाटू वाले श्याम बाबा का दरबार

रोशन सबेरा के लिए वरिष्ठ पत्रकार दिनेश चंद्र रावल, ठाणे।

कल्याण में सजा खाटू वाले श्याम बाबा का दरबार।इसी अरदास के साथ श्री खाटू वाले श्याम बाबा का विशाल आयोजन कल्याण के नक्षत्र लॉन्स आधारवाड़ी में आयोजित किया गया। करने वाले ओर कराने वाले बाबा श्री खाटू श्याम के नाम से आयोजन का आगाज हुआ। सर्व प्रथम गणेश वंदना हुई तत्पश्चात कलाकारों द्वारा बाबा श्याम के मधुर व जोशीले भजनों की झड़ी सी लगा दी।

जहां एक ओर बारी बारी कलाकार आते रहे ओर अपनी अपनी सुरीली आवाज में प्रस्तुतियां देते रहे। वही दूसरी ओर बाबा श्याम प्रेमी मधुर धुनों पर झूमते ओर नाचते नजर आए। फिर क्या बुजुर्ग क्या युवा क्या बच्चे क्या महिलाएं। सभी बाबा श्याम की भक्ति में लीन हुए नजर आ रहे थे। एक ओर बाबा श्याम की ज्योत के दर्शन को लगी लंबी कतार तो दूसरी ओर कतार में खड़े श्याम प्रेमियों का दुप्पटे पहना कर स्वागत किया जा रहा था।वही दूसरी ओर आयोजन में आए श्याम प्रेमियों पर रहे रहे कर किया गया इत्र का छिड़काव । भाती भाती के इत्र के छिड़काव से सारा पंडाल महक उठा। एक ओर प्रसाद वितरण तो दूसरी ओर अल्पाहार की सुसज्जीत व्यवस्था की गई थी।वही श्री खाटू वाले श्याम बाबा का काल्पनिक मंदिर रंगीन चकाचौंध रोशनी से जगमगा रहा था। मंदिर में फूलों की सजावट श्याम प्रेमियों के मन को लुभा रही थी। अतिथियों के बैठने की व्यवस्था महिलाओं ओर पुरुषों के लिए अलग अलग राखी गई थी। वही दूसरी ओर भोजन का पंडाल लगाया गया था जिसमें स्वादिष्ट व्यंजन की व्यवस्था की गई थी।सबसे बड़ी बात तो यह देखने को मिली कि इतना विशाल आयोजन था पर आयोजक के नाम पर करने वाले श्री खाटू श्याम ओर करवाने वाले भी श्री खाटू श्याम थे।जैसे जैसे समय बीता श्याम प्रेमियों की भीड़ भी बढ़ती चली गई। सभी श्याम प्रेमियों को भक्ति की धुनों का जैसे नशा सा छाया हो इतना ही नहीं श्याम भक्ति का नशा जैसे सर चढ़ कर बोल रहा था।सभी श्याम प्रेमि अपनी अपनी मस्ती में झूम रहे थे। देश के अलग अलग भागों से आए कलाकारों ने शमा बांधे रखी शाम 5 बजे कार्यक का प्रारंभ हुआ। जो देर रात्रि तक चलता रहा श्याम प्रेमि मंत्र मुग्ध होकर आयोजन का लुफ्त उठाते हुए कब रात हुई पता ही नहीं चला।

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