जनेकृविवि में कषि मंथन 2026 का भव्य आयोजन सीएम डॉ. मोहन यादव विवि के प्रशासनिक भवन किया लोकार्पण
खेती केवल आजीविका नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा-सीएम डॉ. मोहन यादव
भारत की पहचान सदैव कृषि प्रधान देश के रूप में रही है, जहां खेती केवल आजीविका नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। भारतीय चिंतन में यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे की भावना निहित है, जिसका अर्थ है कि मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरा संबंध है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्षों पहले ही प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर कृषि को जीवन का आधार बनाया। भीमबेटका की प्राचीन गुफाओं में मिले चित्र भी इस बात के प्रमाण हैं कि भारत में प्राचीन काल से ही कृषि आधारित जीवन पद्धति विकसित रही है। गांव आधारित जीवन प्रणाली में प्रकृति के प्रति सम्मान और आस्था स्पष्ट दिखाई देती है। सूर्योदय के साथ दिन की शुरुआत, धरती माता को प्रणाम, तथा खेती-किसानी से जुड़े पर्व-त्योहार हमारे जीवन को प्रकृति के साथ जोड़ते हैं। इसी कारण हमारे यहां कहा गया है कि उत्तम खेती, मध्यम व्यापार जो खेती के महत्व को दर्शाता है।

उक्त उद्बोधन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यअतिथि की आसंदी से दिया। मौका था कृषि कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित कृषि मंथन 2026 के उद्घाटन सत्र एवं जनेकृविवि के नवीन प्रशासनिक भवन के लोकार्पण का। मुख्यमंत्री ने देश के कृषि इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब भारत को खाद्यान्न के लिए अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कृषि केवल पारंपरिक गतिविधि नहीं रह गई है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के साथ जुड़कर किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन रही है। सरकार किसानों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है, विशेष रूप से कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों को नए दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने द्वार से स्वागत से लेकर विद्यार्थियों के माध्यम से प्रस्तुत पारपरिक अहीर नृत्य एवं गौ पूजन, विभिन्न विभागों द्वारा जीवंत झाकियां, उन्नत तकनीकियों की प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।कार्यकम में विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय मंत्री, पंचायत और ग्रामीण विकास, श्रम विभाग श्री प्रहलाद पटेल, माननोय मंत्री, लोक निर्माण विभाग श्री राकेश सिंह एवं सारस्वत अतिथि के रूप में माननीय महापौर श्री जगत बहादुर अन्नू, माननीय विधायक श्री सुशील तिवारी, माननीय विधायक श्री अभिलाष पाण्डेय, माननीय विधायक श्री संतोष बरकडे, माननीया सांसद राज्यसभा श्रीमति सुमित्रा बाल्मीक, माननीय सांसद लोकसभा श्री आशीष दुबे, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, माननीय विधायक श्री नीरज सिंह, माननीया अध्य पंचायत श्रीमति आशा मुकेश गोंटिया सहित अन्य अतिथि मंचासीन रहे।जनेकृविवि के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कार्यकम की अध्यक्षता स्वागत उद्बोधन दिया और अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान, विस्तार सहित उपलब्धियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने कार्यकम का शुभारंभ सरस्वती मां के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया। इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का लोकापण फीता खोलकर किया, साथ ही जनेकृविवि के प्रशासनिक भवन का नामकरण भारत रत्न पडित अटल बिहारी बाजपेयी नवीन प्रशासारेक भवन के नाम से किया गया।
