जनेकृविवि में राष्ट्रीय स्तर की 36वीं ट्रेनिंग का भव्य समापन

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मानव संसाधन के ज्ञान को अपडेट करना आधुनिक आवश्यकता-डॉ. सीमा जग्गी

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायनशास्त्र विभाग के अंतर्गत एडवांस्ड फैकल्टी ट्रेनिंग सेंटर जबलपुर द्वारा “सतत खेती में मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रबंधन के लिए उभरती प्रौद्योगिकियां और नवाचार” विषय पर आयोजित 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण का भव्य समापन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली की सहायक महानिदेशक, मानव संसाधन विकास, कृषि शिक्षा प्रभाग डॉ. सीमा जग्गी के मुख्यआतिथ्य एवं कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में हुआ। समापन कार्यकम की मुख्यअतिथि डॉ. सीमा जग्गी ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्यरत वैज्ञानिक एवं समकक्ष सेवारत मानव संसाधन के ज्ञान को आधुनिक आवश्यकता और परिवेश के अनुसार अपडेट करना बहुत जरूरी है, ताकि वह अपने-अपने क्षेत्रों में समस्या एवं विषय के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान तथा विस्तार को समाज के लिए बेहतर कार्य कर सके। आपने कहा कि मिट्टी की गुणवत्ता एवं पोषक तत्व को बनाएं रखने हेतु हम सभी को किसानों के साथ मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है. जिससे किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हो सके।कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि इस 21 दिवसीय प्रशिक्षण में सभी प्रशिक्षाणार्थी सतत खेती में मिटटी के स्वास्थ्य के प्रबंधन के लिए उभरती प्रौद्योगिकियां और नवाचार से संबंतिध महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है, उसे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर, मिट्टी के स्वास्थ्य सस्टेनेबल खेती, मिट्टी में न्यूट्रिएंट्स कमी, अनबैलेंस्ड फर्टिलाइजर का इस्तेमाल, पानी की कमी के बढ़ते दबाव जैसी विभिन्न समस्याओं के समाधानों हेतु किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता है। कुलपति डॉ. मिश्रा ने कहा कि मिट्टी की बिगड़ती गुणवत्ता जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए साइंस, डिजिटल टूल्स और सटीक टेक्नोलॉजी को एक साथ लाने की जरूरत है. ताकि किसानों को फील्ड-लेवल के इंटरवेंशन से मजबूत बनाया जा सके।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. जयंत भट्ट ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस ट्रेनिंग में देशभर से आए वैज्ञानिकों को नेचुरल खेती, किसानों को आने वाली पीढ़ियों के लिए मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने या सुधारने के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद मिलने सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई है जो भविष्य की चुनौतियों निपटने में कारगर सिद्ध होगी।डायरेक्टर कैफ्ट एवं आचार्य व विभागाध्यक्ष डॉ. बी. के. दीक्षित ने स्वागत भाषण एवं 21 दिवसीय ट्रेनिंग का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डॉ. दीक्षित ने बताया कि बताया देशभर से 39 एप्लिकेशन आए हुए थे. जिसमें से 24 लोग प्रशिक्षण में शामिल हुए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अलग-अलग एस्पेक्ट्स पर 49 थ्योरी लेक्चर और 12 प्रक्टिकल शामिल थे।प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षाणार्थियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किएगए।कार्यक्रम का संचालन छात्रा कुमारी शिखा एवं आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. बी.एस. द्विवेदी द्वारा किया गया।समापन कार्यक्रम में डॉ.बी.एस.द्विवेदी, डॉ. जी. एस. टैगोर, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. आर. के. साहू, डॉ. एफसी अमूले, डॉ. अभिषेक शर्मा, डॉ. शैलू यादव, श्री प्रिंसु, श्री प्रशांत कुर्मी, श्री मधुकर, श्रीमति संगीता ठाकुर, श्री रविन्द्र कुमार, श्री धर्मेन्द्र विजयवर्गीय, श्री विकास पटेल, श्रीमति रचना यादव, श्री राजकुमार काछी सहित प्रशिक्षाणार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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