अरावली पर्वत को तोड़ने की नीति को भारत सरकार से रोकने की मांग – लोक क्रांति अभियान

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लोक क्रांति अभियान जबलपुर ने एक आवश्यक बैठक इंद्रा विला,सिद्ध बाबा में की गई जिसमें अरावली पर्वत को बचाने हेतु एक वृहद आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई जिसमें यह कहा गया कि अरावली पर्वत दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है जो की 3 लाख वर्ष से भी ज्यादा पुरानी है यह पर्वत माला लगभग 800 किलोमीटर लंबी थार रेगिस्तान को फैलने से रोकने का कार्य करती है इसने भू जल संरक्षण किया है उत्तर भारत की जलवायु को संतुलित रखते हुए यह गुजरात से शुरू होकर राजस्थान हरियाणा और दिल्ली तक इसकी सीमा फैली है जो कि राजपूत कालीन इतिहास तथा अनेक किलो ,मंदिरों और सभ्यताओं का केंद्र रहा है अरावली पर्वत तोड़ने से लगभग 6 से 7 नदियां प्रभावित होगी और उपजाऊ जमीन मरुभूमि में बदल जायेगी,पानी का जलस्तर नीचे चला जाएगा, धरती का क्षरण, जंगली जीवों की हत्या जैसा कार्य तथा मानसून को प्रभावित करेगा। अरावली से लगे हुए जितने भी प्रांत हैं वह भी मरुस्थल में बदलने में समय नहीं लगेगा इसका असर सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश से लेकर हरियाणा ,दिल्ली तक होगा। मध्य प्रदेश के मुरैना, भिंड ,ग्वालियर , दतिया, श्योरपुर जिलो को मरुस्थल बनने से रोक नहीं जा सकता तथा मध्य प्रदेश में चंबल, बनास नदी अत्यधिक प्रवाहित होगी हमारे मध्य प्रदेश की औद्योगिक नगरी एवं व्यापारिक नगरी इंदौर पूरी तरह से चौपट हो जाएगी पूरे भारत की जीवन रेखा को नष्ट करने वाली भारत की रीड अरावली पर्वत को तोड़ने की नीति को भारत सरकार से जल्द से जल्द समाप्त करने की मांग लोक क्रांति अभियान के संयोजक सरमन रजक एडवोकेट सुधीर शर्मा, रामरतन यादव,पंडित विवेक अवस्थी, पूर्व विधायक नन्हे लाल धुर्वे,बैजनाथ कुशवाहा, राधेश्याम अग्रवाल,नरेश चक्रवर्ती,अतुल गुप्ता, अशोक सिंह ठाकुर,अरविंद पैगवार, प्रमिला मरावी, राजेश पराग, अनुप सिंह ठाकुर,गुड्डू झा, दीपक ठाकुर, संजू भोजक, मुन्ना ठाकुर,राजेश मंझार,सुनील तिवारी, अजय वर्मा, गोपाल पाली, विनय वर्मा,राजेश बचवानी, अनुराग सिंह ठाकुर राहुल श्रीवास, मनोज चौरसिया, राजेश कोल, मुकुल यादव, गोपी प्रजापति, परीक्षित भाई, विजय कुमार चोहटेल, दिलीप रैकवार, सुनील रामचंदानी, संध्या चौरसिया, विक्की विश्वकर्मा एवं अन्य सदस्यों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

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