ऑटोमेटेड तरल जैव उर्वरक उत्पादन इकाई स्थापित करने हेतु जनेकृविवि और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू

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जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर स्थित मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायनशास्त्र विभाग द्वारा संचालित मध्यप्रदेश का एक मात्र सूक्ष्मजीव अनुसंधान एवं उत्पादन केंद्र किसानों हेतु वरदान साबित हो रहा है। यहां पर निर्मित जवाहर जैव उर्वरक, किसानों की आय दोगुनी करने एवं प्राकृतिक व टिकाऊ कृषि को नई दिशा प्रदान करने में महती भूमिका निभा रहा है। इसी कम में ऑटोमेटेड तरल जैव उर्वरक उत्पादन इकाई स्थापित करने हेतु जनेकृविवि एवं आईसीआईसीआई फाउंडेशन के मध्य एमओयू किया गया। दरअसल यह एमओयू कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों और आईसीआईसीआई बैंक के जोनल हैड श्री सचिन उपाध्याय, आईसीआईसीआई फाउंडेशन के जोनल हैड श्री प्रणव कुमार की विशेष उपस्थिति में हुआ। इस एमओयू के तहत मध्य प्रदेश में मोटे अनाज (मिलेट्स) और दालों की खेती बढ़ाने के लिए, मृदा स्वास्थ्य, संरक्षण कृषि और प्राकृतिक खेती को बेहतर बनाने हेतु तरल जैव उर्वरक बनाने की तकनीक में ऑटोमेशन (स्वचालन) का उपयोग बढ़ाने वाली परियोजना को आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा सीएसआर निधि के तहत स्वीकृति मिली है। जिसके अंतर्गत जैव उर्वरक उत्पादन केंद्र को पूर्ण रूप से तकनीकी आधारित बनाया जाएगा और प्रति वर्ष लगभग 7 लाख लीटर जैव उर्वरक को पूरी गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाएगा। इस परियोजना से प्रदेश के किसानों को गुणवत्ता युक्त जैव उर्वरकों की आपूर्ति की जाएगी। जिससे खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी और फसल उत्पादन में स्थायी सुधार आएगा।इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉ. अतुल श्रीवास्तव, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी. के. कौतु, संचालक शिक्षण डॉ. अभिषेक शुक्ला, कुलसचिव डॉ. ए. के. जैन, लेखानियंत्रक श्रीमति संजू तिवारी, डॉ. बी. के. दीक्षित, प्रोजेक्ट मैनेजर श्री सूरज गुजर, डॉ. वाय.एम.शर्मा, डॉ. बी.एस. द्विवेदी, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. आर. के. साहू, डॉ. एफसी अमूले, श्री प्रणव सैन्ड्रे, श्री हिमांशु शर्मा एवं श्री देवाशीष कर उपस्थित रहे।

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