विद्यार्थी अपने जीवन में उत्कर्ष हेतु ध्यान पद्धति को जीवन में उत्तारें-अधिष्ठाता डॉ अमित कुमार शर्मा

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जनेकृविवि में “विद्यार्थी जीवन में ध्यान से उत्कर्ष” विषय पर कार्यशाला संपन्न

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की प्रेरणा से अधिष्ठाता छात्र कल्याण के मार्गदर्शन में विश्व ध्यान दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित किये गये। राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान के महत्व पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में विश्वविद्यालय के अन्तर्गत कृषि महाविद्यालय, जबलपुर एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर के विद्यार्थियों हेतु “विद्यार्थी जीवन में ध्यान से उत्कर्ष विषय पर स्वामी विवेकानंद सेमीनार हॉल में अन्तर्राष्ट्रीय आर्ट आफ लिविंग संस्था, जबलपुर के सहयोग से एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। इस कार्यशाला में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की श्रीमती प्रभा खण्डेलवाल एवं श्रीमती प्रगति उपस्थित रहीं।अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. जयंत भट्ट ने अपने उद्‌द्योधन में मानसिक एकाग्रता एवं उत्तम शारीरिक स्वास्थ्य हेतु कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थीगणों में ध्यान व योग गतिविधियों से जुड़ने का आव्हान किया।इस दौरान अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ अमित कुमार शर्मा ने भारतीय पुरातन पद्धति की 21वीं सदी में महत्ता एवं भारत सहित विश्व के अनेक देशों में इसकी उपादेयता एवं विद्यार्थी जीवन में उत्कर्ष हेतु ध्यान पद्धति को अपने जीवन में उत्तारने पर बल दिया।आर्ट ऑफ लिविंग संस्था की श्रीमती प्रभा खण्डेलवाल एवं श्रीमती प्रगति द्वारा विश्व ध्यान दिवस के महत्व एवं वि.वि. के विद्यार्थियों की सहभागिता हेतु आव्हान किया गया था, साथ ही विशेषज्ञों द्वारा ध्यान एवं स्वस्थ्य जीवन शैली से संबंधित आचार्य श्री रविशंकर द्वारा बताई गई विभिन्न योगिक क्रियाओं तथा रोचक गतिविधियों का अभ्यास कराया गया।कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन कार्यशाला समन्वयक डॉ. राहुल डोंगरे द्वारा किया गया।इस अवसर पर एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. नीलू विश्वकर्मा, डॉ. अनुपमा वर्मा, एवं छात्रावास अधीक्षक डॉ. प्रीति जैन सहित कृषि महाविद्यालय, जबलपुर एवं कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर के सभी एन.सी.सी. छात्र-छात्राए कैटेड, एन.एस.एस. स्वयंसेवक एवं बी.एस.सी. (प्रथम वर्ष) के विद्यार्थी बडी संख्या में उपस्थित रहे।

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