भैया … हमें तोहफे में चाहिए भारत की सुरक्षा,सैनिक भाइयों के कलाइयों में शिशु मंदिर की छोटी-छोटी बहनों ने बांधी राखी
देश भक्ति माहौल के बीच बैंड बाजा से हुआ स्वागत
प्रतिवर्ष अनुसार इस 9 वे वर्ष भी शहर के मालवीय चौक पर पानी के कारण शास्त्री ब्रिज नरसिंह मंदिर के पीछे सरस्वती शिक्षा परिषद विद्या भारती की सरस्वती शिशु मंदिर की बहनों ने हाथों से तैयार करी स्वदेशी राखियां सैनिक भाइयों की कलाइयों में सजाई एवं आरती कर आशीर्वाद लिया कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं समापन राष्ट्रगीत जन गण मन के साथ हुआ । बहनों ने कहा सैनिक भैया हमें भारत देश की सुरक्षा तोहफे में दें जम्मू कश्मीर की सुरक्षा कारगिल जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा में विशेष योगदान इन सैनिकों का रहा है । कई सैनिकों को 15 साल 10 साल 5 साल बाद राखियां उनके हाथों की कलाई में बांधी गई सेना में होने के कारण समय पर छुट्टी ना मिलने पर अपने परिवार में नहीं जा पाए उनके उत्साह वर्धन के लिए यह आयोजन रहा बहनों एवं सैनिकों के खुशी के आंसू बह रहे थे लोग भारत माता की जयकारे के नारे लगा रहे थे। कार्यक्रम का संचालन प्रादेशिक सचिव डॉ सुधीर अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन प्रादेशिक कोषाध्यक्ष विष्णुकांत ठाकुर ने किया इस अवसर पर प्रचारक कन्हैया जी ईश्वर दास पटेल लोकराम कोरी विवेक चौधरी कमलेश अग्रहरि पुष्पराज सिंह नितिन दीवान सुभाष तोमर संतोष कनौजिया राजेंद्र मिश्रा भास्कर वडनेरकर उपस्थित थे।इस अवसर पर मनीषा ठाकुर गढ़ा फटक संजय मिश्रा नरसिंह मंदिर विद्यालय से विनीता यादव मोहनिया से टेकराम गोलानी रांझी के अर्पणा दुबे प्रियंकी श्रीवास्तव,रजनी विश्वकर्मा, सोनू चौहान सचिन अग्रवाल, कन्हैया , अमित विश्वकर्मा राजेश कुशवाहा कोदू लाल श्रीवास।
एवं जबलपुर महानगर के 22 सरस्वती विद्यालयों के आचार्य दीदी प्रधानाचार्य एवं लगभग 500 बहनों ने उपस्थित होकर सभी सैनिकों को राखी बांधकर भाव विभोर कर दिया इस स्नेह अमृत सभी को आत्मीयता से बांध दिया समाजिक समरसता के अनुपम अनूठा उदाहरण जिसकी झलक आज यहां देखने को मिली ।
