जनेकृविवि में आयोजित 8 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन

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अन्य देशों की अपेक्षा भारत में कृषि की असीम संभावनाएं – डॉ. जी. के. कौतु

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की प्रेरणा से मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र विभाग और आसा, भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में टिकाऊ खेती विषय पर 8 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी.के. कौतु के मुख्यआतिथ्य, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. अनीता बब्बर की अध्यक्षता एवं डॉ. वरन सिंह वरिष्ट कार्यक्रम प्रबंधक, आसा, भोपाल के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. जी. के. कौतु ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि में असीम संभावनाएं हैं, यूरोप, अमेरिका, सहित अन्य देशों की कृषि और भारत की कृषि में जमीन आसमान का अंतर है। कृषि गांव से शुरू होती है, और इसे गांव के युवा ही इण्डस्ट्रिलाइज करें तो युवाओं को गांव से शहर की ओर पलायन करने से रोकने का एक जरिया हो सकता हैं, आपने कृषि को टिकाऊ बनाने हेतु मृदा स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. अनीता बब्बर ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागेदारी बढ़ती जा रही है। आपने उपस्थित सभी प्रशिक्षाणार्थियों को यहां से प्राप्त प्रशिक्षण को अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु प्रेरित करने की बात पर जोर दिया है।मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष एवं आचार्य डॉ. ब्रजेश कुमार दीक्षित ने कृषि को टिकाऊ बनाए रखने हेतु मृदा एवं जल संरक्षण के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. बी.एस. द्विवेदी ने 8 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रतिवेदन एवं इसकी उपयोगिता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।वरिष्ट कार्यक्रम प्रबंधक, आसा, भोपाल डॉ. बरन सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया और 8 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुये कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यकम समय-समय पर आयोजित होते रहना चाहिये, जिससे कृषि संबंधी महत्त्वपूर्ण जानकारियां किसानों तक पहुंचाई जा सकें।प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न राज्यों के प्रशिक्षाणार्थियों को उपस्थित मंचासीन अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये, साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में एवं अपनी महती भूमिका निभाने वाले विभाग के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके आलावा अतिथियों द्वारा टिकाऊ खेती पुस्तक का विमोचन भी किया। जिसमें टिकाऊ खेती हेतु महत्वपूर्ण जानकारी किसानों के लिये उपलब्ध है।प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा गायत्री तुरकर एवं आभार प्रदर्शन डॉ. जी.एस. टैगोर, वैज्ञानिक द्वारा किया गया।प्रशिक्षण के समापन अवसर पर डॉ. एच.के. राय, डॉ. ए.के. उपाध्याय, डॉ. राकेश साहू, डॉ. अभिषेक शर्मा, डॉ. फूलचंद अमूले, डॉ. किरण पटेल, डॉ. शैलू यादव, श्रीमति संगीता ठाकुर, श्रीमुधकर, श्री विजय कुमार, श्री रवीन्द्र कछावे, श्री विकास पटेल, श्रीमति सोनिका, श्री धर्मेन्द्र सहित विभाग के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. के.के. त्रिवेदी, आसा, भोपाल का विशेष योगदान रहा है।

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