जल एवं धारा संरक्षण का प्रण लेकर निकले कांवड़ियों का किया गया स्वागत
महाकौशल की धरती और जवाली ऋषि की तपोभूमि जबलपुर के ग्वारीघाट से प्रतिवर्ष संस्कार कावड़ यात्रा का आयोजन सावन माह के द्वितीय सोमवार को रखा जाता है इस वर्ष भी ग्वारीघाट तट से सुबह 7:00 बजे विश्व प्रसिद्ध कावड़ यात्रा में एक कांवड़ मां नर्मदा का पवित्र जल एवं दूसरे कावड़ में धरती श्रृंगार का प्रतीक वृक्षों को लेकर चल रहे कावड़ियों का स्वागत साईं मंदिर ग्वारीघाट रोड पर ध्वनि यंत्रों एवं साज -सज्जा के साथ किया गया जिसमें समिति ने कहा कि मां नर्मदा का जल का संरक्षण एवं धारा का संवर्धन वृक्ष के द्वारा किया जाना यह दोनों एक भोले के द्वारा ही हो सकता है जो यह कावड़ लेकर चल रहे हैं लाखों लाख संख्या में कावड़िया है वह तो एक भोला ही है जो जिसके अंदर प्रकृति और जल दोनों को बचाने की ललक है इसी बातों को लेकर आज संस्कार कावड़ यात्रा का स्वागत स्वयं सिद्ध साईं मंदिर परिवार एवं संस्था अपराजिता संस्था के समाजसेवी राम रतन यादव ,महेश पसीने, एडवोकेट सुधीर शर्मा , पण्डित विवेक अवस्थी, सरमन रजक, मुन्ना कुशवाहा ,उमेश पटेल, रंजित ठाकुर,नीरज दुबे ,नरेश चक्रवर्ती,दीपक ठाकुर ,राजेश पराग, दिलीप रैकवार, डॉ.बाल मुकुंद यादव,विजयचोहटेल ,गोपी प्रजापति , राजेश कोल , मुन्ना ठाकुर,राजेश मंझार एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे तत्पश्चात चल रहे कावड़ियों को जल ग्रहण करा स्वल्पाहार का वितरण किया गया।
