सात दिवस्य गीता ज्ञान चिन्मय अमृत महोत्सव सम्पन्न

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9 मई को गीता जी के 15 वें अध्याय के सभी 20 श्लोकों के ऑन लाइन समष्टि पाठ 108000+ लोगों के साथ बनेगा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

पंचकुला से वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत सी पुजारी।

चिन्मय मिशन के 75 वर्ष (1951-2026) पूर्ण होने पर चिन्मय अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में चिन्मय मिशन द्वारा आयोजित 19 सात दिवसीय गीता ज्ञान यज्ञ का विधिवत् समापन गत दिवस 25 अप्रैल की सांय के प्रवचन के बाद हो गया। इस यज्ञ का समापन बड़ी संख्या में उपस्थित संगत द्वारा आचार्य जी के साथ मिलकर श्रीमद्भगवद् गीता जी के 15 अध्याय के सभी 20 श्लोकों के सामूहिक पाठ के बाद सभी को गीता पंचामृत की प्रसाद पुस्तिका के वितरण के साथ हुआ।

धन्यवाद प्रस्ताव में मिशन की सचिव श्रीमती सुनिशा शर्मा ने आचार्य जी के साथ साथ सभी सहयोगियों, साथियों, प्रैस व लोगों का इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये तहदिल से धन्यवाद किया । इस गीता ज्ञान यज्ञ के द्वारा मिशन की रेजिडेंट आचार्य ब्रह्मचारिणी कालिंदी चैतन्य जी श्रीमद्भगवद्गीता के 15 वें अध्याय ‘पुरुषोत्तम योग’के माध्यम से जन मानस को अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानने व परमात्मा के शरणागत रह कर अपने जीवन को दिव्यता की ओर बढ़ाने का संदेश दिया। इन सात दिनों में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं की उपस्थिति में चिन्मय श्रृति आश्रम का वातावरण बहुत ही भक्ति, ज्ञान व आध्यात्मिकता के माहौल से भरा रहा ।
चिन्मय अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में मिशन द्वारा पिछले महीने 15 मार्च को यहां समष्टि 108+ श्री हनुमान चालीसा महायज्ञ का आयोजन बड़ी धूमधाम से किया गया था। इसी कड़ी में यहां की रेजिडेंट आचार्य जी विभिन्न सोसाइटियों व सेक्टरों में जा कर गीता पंचामृत के गीता के सार के पांच चुनिंदा श्लोकों पर प्रवचन भी कर रहीं हैं।
इसी श्रृंखला में चिन्मय गीता समर्पणम के अंतर्गत 9 मई को गीता जी के 15 वें अध्याय के सभी 20 श्लोकों के ऑन लाइन समष्टि पाठ 108000+ लोगों के साथ – गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का भरसक प्रयास रहेगा।
चिन्मय मिशन के विश्व भर में 350 + केंद्रों में चिन्मय अमृत महोत्सव के कार्यक्रम वर्ष भर बड़ी ही कृतज्ञता व सेवा के भाव से मनाए जा रहे हैं । चिन्मय अमृत यात्रा, अमृत संदेश वाहिनी के साथ जिस में गुरुदेव स्वामी चिन्मयनन्द जी की दिव्य धरोहर वस्तुएँ , पादुका ,कलाकृतियां और मिशन के विकास की यात्रा के चित्र आदि लोगों के दर्शन के लिए रखे हैं 31 दिसंबर 2025 को चिन्मय विभूति, पुणे से शुरू हुई है और 295 दिन में 35000 कि.मी राष्ट्रव्यापी यात्रा में लगभग सभी केन्द्रों से होती हुई जिस में पंचकूला /चंडीगढ़ भी शामिल है समापन भारत मंडपम, दिल्ली में 23 से 25 अक्टूबर को होने वाले विश्व चिन्मय महासम्मेलन के साथ होगा ।

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