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जब पहुंचा सीबीआई का नोटिस, मची हड़कंप

भ्रष्टाचार से जुड़े बहुचर्चित नर्सिंग फर्जीवाड़े को लेकर सीबीआई दिल्ली की एंटी करप्शन विंग ने मध्यप्रदेश की जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. पुष्पराज सिंह बघेल को नोटिस जारी किया है। सीबीआई मान्यता और संबद्धता से संबंधित सभी नियम और गाइडलाइन और इनके सर्कुलर सहित अब तक जारी किए गए नोटिफिकेशन की जानकारी मांगी है। सीबीआई ने नर्सिंग कॉलेजों के संचालन के लिए निर्धारित मानदंडों की भी सर्टिफाइड कॉपी मांगी है।नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता में फर्जीवाड़ा होने के चलते शुरू हुई जांच अब मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंच गई है।

काउंसिल के पास जानकारी ही नहीं-

इधर, नर्सिंग काउंसिल से आरटीआई के जरिए निरीक्षण करने वालों की जानकारी मांगी गई थी। काउंसिल के जवाब में बताया गया है कि सत्र 2020-21 और 2021-22 में निरीक्षण कराने वालों की जानकारी काउंसिल के पास नहीं है। उन्होंने स्वीकारा है कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 के डाटा संग्रहण की कार्रवाई प्रचलन में है। 2021-22 में निरीक्षण करने वाले 4 लोगों को लाखों का पेमेंट किया गया है। अब मेडिकल यूनिवर्सिटी सीबीआई के इस नोटिस का जवाब कैसे और कब देगा, ये तो नहीं पता ,लेकिन इस एक नोटिस के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।

जो सोचा नहीं, वो पता चलेगा-

इधर, नर्सिंग घोटाले की जांच से शुरुआती दौर से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अभी इस मामले में वो खुलासे होंगे,जो किसी ने सोचे भी नहीं होंगे। कई स्तरों पर धांधली हुई है। सीबीआई द्वारा जारी ताजा नोटिस के बारे में माना जा रहा है कि सीबीआई अधिकृत तौर पर ये जानना चाहती है कि वो कौन हैं,जिन्होंने निरीक्षण कर कॉलेजों को हरी झंडी दे दी, जो बाद में फर्जी पाए गये।   उल्लेखनीय है कि अभी तक नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में सीबीआई इंस्पेक्टर समेत 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। सभी 13 आरोपी अभी जेल में हैं। इनमें से 4 की जमानत अर्जी पहले ही खारिज हो चुकी है। इधर, मान्यता प्राप्त नर्सिंग कालेजों के स्टूडेंट्स ने एग्जाम कराने और भ्रष्टाचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को ज्ञापन सौंपा गया है।

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