जिला डिंडोरी खेमचरण वर्मे की रिपोर्ट 8103275220भगवती मानव कल्याण संगठन शाखा जिला डिंडोरी ब्लॉक समनापुर के ग्राम छिंद गांव में श्री मान गणेश राजपूत जी के यहां माता आदि शक्ति जगत जननी जगदंबा एवं परमहंस योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी गुरुदेव भगवान की दिशा निर्देशन में जय माता की जय गुरुवर की एवं हमारी डिंडोरी जिला के सभी गुरु भाई गुरु बहन मां की भक्तों की ओर से हमारी समस्त गुरु भाई गुरु बहन मां की भक्तों को चैत्र नवरात्रि का शुभ कामना जय माता की जय गुरु की पहला दिन 19 मार्च मां शैलपुत्रीदूसरा दिन 20 मार्च मां ब्रह्मचारिणीतीसरा दिन 21 मार्च मां चंद्रघंटाचौथा दिन 22 मार्च मां कूष्माण्डापांचवां दिन 23 मार्च मां स्कंदमाताछठा दिन 24 मार्च मां कात्यायनीसातवां दिन 25 मार्च मां कालरात्रिआठवां दिन 26 मार्च मां महागौरी (अष्टमी)नौवां दिन 27 मार्च मां सिद्धिदात्री (राम नवमी) चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख नौ दिवसीय पावन पर्व है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च-अप्रैल) से शुरू होकर रामनवमी तक चलता है। यह हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, उपवास और शक्ति की आराधना की जाती है, जो आध्यात्मिक शुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देती है। यह त्योहार वसंत ऋतु में आता है, इसलिए इसे ‘वासन्तिक नवरात्रि’ भी कहते हैं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार नया वर्ष शुरू होता है।नवदुर्गा पूजा: नौ दिनों में देवी के विभिन्न स्वरूपों—शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।विधि-विधान: पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है। श्रद्धालु अखंड ज्योति जलाते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और अंतिम दिनों में कन्या पूजन कर उपवास खोलते हैं।राम नवमी: नवरात्रि के नौवें दिन भगवान राम का जन्मोत्सव, राम नवमी, पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।आध्यात्मिक व सांस्कृतिक महत्व: यह पर्व मानसिक व शारीरिक शक्ति के लिए पूजा, आहार शुद्धि, और नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा और कश्मीर में नवरह के रूप में भी मनाया जाता है।