भव्य, दिव्य और एतेहासिक होंगी श्रीरामकथा,5 से 13 अप्रेल 2026 तक संस्कारधानी होंगी राममय

0
Spread the love

समरसता सेवा संगठन की बैठक में प्रबुद्धजनों के साथ सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने सुझाव देकर दिलाया भरोसा

समरसता सेवा संगठन के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर परमपूज्य जगदगुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी के श्रीमुख से 9 दिवसीय”श्रीराम कथा” का आयोजन आगामी 5 अप्रेल से 13 अप्रेल 2026 तक संस्कारधानी जबलपुर में होने जा रहा है।

“श्रीराम कथा” का यह आयोजन संस्कारधानी के गौरव एवं गरिमा के अनुकूल संपन्न हो सके, इस हेतु समरसता सेवा संगठन द्वारा शहर के गणमान्य, प्रबुद्ध जनों के साथ सर्व समाज के प्रतिनिधियों की महत्पूर्ण बैठक सरदार बल्लभ भाई पटेल सभागार गुजराती मंडल सिविक सेन्टर में आयोजित की गई।बैठक में उपस्थित जनों ने अपने सुझाव देते हुए कहा यह हम संस्कारधानी वासियो के लिए परम सौभाग्य का अवसर है कि पूज्य जगदगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के श्रीमुख से श्रीराम कथा श्रवण करने का अवसर हमें मिलेगा, क्योंकि लम्बे समय के बाद पूज्य गुरुदेव की कथा जबलपुर में होने जा रही है, यह आयोजन संस्कारधानी जबलपुर और पूज्य गुरुदेव की मर्यादा और गरिमा के अनुरूप एतेहासिक, भव्य और दिव्य होगा।समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा समरसता सेवा संगठन ने ” सब सबको जाने – सब सबको माने के ध्येय वाक्य के साथ समरस एवं समर्थ भारत के निर्माण में अपना भी योगदान देने अभी तक की यह यात्रा आपके आशीर्वाद , स्नेह एवं सहयोग से गरिमापूर्ण ढंग से पूर्ण की है।श्री जैन ने कहा अत्यंत हर्ष का विषय एवं सुखद संयोग है कि 13 अप्रैल 2023 को ” परमपूज्य जगदगुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी की पावन उपस्थिति में प्रारंभ हुआ आपका “समरसता सेवा संगठन” आगामी 13 अप्रैल 2026 को अपनी तीन वर्ष की अनवरत यात्रा पूर्ण कर चौथे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एतदर्थ पूज्यपाद जगदगुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी ने गत दिनों अपने जबलपुर प्रवास के अवसर पर आगामी 5 अप्रैल 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक नौ दिवसीय “श्रीराम कथा” के माध्यम से संस्कारधानी जबलपुर को अपना पावन सानिध्य प्रदान करने की स्वीकृति प्रदान की है। श्री जैन ने कहा पूज्य जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के श्रीमुख से होने वाली “श्रीराम कथा” का आयोजन का स्थान, स्वरुप और व्यवस्था कैसी हो इस हेतु संस्कारधानी के ऐसे गणमान्य, प्रबुद्ध जन एवं सर्व समाज के प्रतिनिधि जिनकी सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यत्मिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी रहती है उनकी बैठक आयोजित की गई। श्री जैन ने बताया बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत कार्ययोजना के संदर्भ में विचार विमर्श हुआ और सभी ने सुझाव देते हुए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और सुझावों के आधार पर शीघ्र ही आयोजन समिति बनाकर, स्थान का चयन कर लिया जायेगा।बैठक में सर्वश्री शरदभाई पालन, पं हरिशंकर दुबे, पं रमेश दुबे, वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र वाजपेयी, प्रो. आशुतोष दुबे, पं ब्रजेश दीक्षित, पं रोहित दुबे, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष एड मनीष मिश्रा, अभिजातकृष्ण त्रिपाठी, कैलाश अग्रवाल बब्बा, पं देवेंद्र त्रिपाठी, यतीश अग्रवाल, प्रतुल श्रीवास्तव, सुरेश आसवानी, पं अशोक पांडे, गुलशन मखीजा, पं संतोष शास्त्री, विवेक विजय भावे, सतेंद्र ज्योतिषी, सुधीर बुधरानी, सुदर्शन जगदीश चोहटेल, सरदार सतनाम सिंह, बच्चन श्रीवास्तव, संतोष शास्त्री, पवन पाण्डे, सुमेश सराफ, राजेश दुबे बब्लू, अशोक जैन, आलोक पाठक, वीरेंद्र साहू पं प्रवीण पाठक, उमेश साहू ओज, मनीष खरे, विवेक अग्रवाल रिंकू, श्यामनारायण बिरहा, अभिमन्यु जैन, सुरेश विचित्र, अशोक नामदेव, दास प्रसाद अहिरवार, सहेन्द्र श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, संतोष पांडे, किशोर कमलकर, डॉ देवकुमार सोनकर, मोती शिवहरे, अंकित बबेले, एड निर्मला नायक, संध्या जैन, सुधा तिवारी, स्मिता केहरी, मीना नामदेव, दीपक अग्रवाल, डॉ सुनील मिश्रा, एड जीपी सिंह, मेवालाल छिरोलिया, विजय नेमा, अनूप राय, पं लोकेश व्यास, परमवीर सिंह, विनय केसरवानी, राजकुमार रजक, यशवंत सिंह, विवेक रजक, सुशील केसरवानी, सौरभ निगम आदि ने शामिल होकर सुझाव दिए।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *