शोध की शक्ति, किसानों की समृद्धि में जनेकृविवि का ऐतिहासिक मिशन कृषि पुनर्जागरण में कारगर सिद्ध होगा- कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा

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जनेकृविवि में 37 महत्वाकांक्षी शोध एवं विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

प्रदेश की कृषि को तकनीकी उत्कृष्टता, उत्पादकता और स्थिरता के नए शिखर तक पहुंचाने के उद्देश्य से जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर ने 37 महत्वाकांक्षी शोध एवं विकास परियोजनाओं का औपचारिक शुभारंभ कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य एवं संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतु की अध्यक्षता में किया गया। मुख्यअतिथि की आसंदी से कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि यह अभियान केवल शोध का विस्तार नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि एवं भविष्य में निवेश है। वैज्ञानिक तकनीकों, स्थानीय आवश्यकता और नई सोच के संगम से यह कार्यक्रम कृषि में दीर्घकालीन परिवर्तन लाएगा। यह पांच वर्षीय महाअभियान मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त 100 करोड़ रुपये के विशेष सहयोग से संचालित होगा, जो राज्य की कृषि उन्नति के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर आपके प्रभावशाली नेतृत्व, सकारात्मक दृष्टिकोण और विकासात्मक सोच की सभी उपस्थित जनों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतु ने परियोजनाओं की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम हॉर्टिकल्चर, फसल सुधार, जीनोमिक्स, रिमोट सेंसिंग, मृदा-पुनरुत्थान, ऑर्गेनिक एवं नेचुरल फार्मिंग, डिजिटल एग्रीकल्चर तथा कौशल व उद्यमिता वृद्धि पर केन्द्रित हैं। डॉ. कौतु ने बताया कि इन पहलों से किसानों को क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध होंगे, जिससे उत्पादन, गुणवत्ता और आय में उल्लेखनीय संवर्धन होगा। जनेकृविवि का यह अभियान राज्यभर में फैले अनुसंधान केंद्रों पर आधारित होगा। जबलपुर, पवारखेड़ा, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, रीवा, सागर, डिंडोरी, बालाघाट, छतरपुर, गढ़ाकोटा और सौसर जैसे स्थानों पर ये केंद्र स्थानीय कृषिगत जलवायु आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन तकनीकों और किस्मों का विकास करेंगे। इस तरह, किसानों को उनके खेतों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समाधान मिलेंगे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा द्वारा परियोजना संचालन एवं प्रगति मूल्यांकन हेतु एक विशेष मॉनिटरिंग मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया, जिसे डॉ. आशीष कुमार एवं संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी. के. कौतु द्वारा विकसित किया गया है। यह ऐप फील्ड डेटा संग्रह, लाइव मॉनिटरिंग, जियो टैगिंग, रिपोर्ट ट्रैकिंग और परिणाम विश्लेषण को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाएगा। उद्घाटन समारोह में इन परियोजनाओं की दृष्टि, कार्य-योजना और भविष्य के अपेक्षित परिणामों पर आधारित एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे सभी अतिथियों द्वारा सराहनीय प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।यह अभियान गांवों-किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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