वन पौध नर्सरी को व्यवसाय के रूप में अपनाएं- श्री के. एस. नेताम
जनेकृविवि में वन पौधशाला प्रबंधन विषय पर 7 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की प्रेरणा से वानिकी विभाग में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा वित्त पोषित, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत वन पौधशाला प्रबंधन विषय पर 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ ज्वाइंट डायरेक्टर कृषि श्री के.एस. नेताम के मुख्यआतिथ्य एवं संचालक अनुसंधान सेवायें डॉ. जी.के. कौतु की अध्यक्षता में किया गया। मुख्यअतिथि श्री नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि वन पौध नर्सरी को व्यवसाय के रूप में युवाओं और विद्यार्थियों को अपनाना चाहियें। इस व्यवसाय में अपार संभावनाएं हैं, और युवाओं को रोजगार से जोड़ने का बहुत ही अच्छा जरिया हो सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. कौतु ने वन पौध नर्सरी हेतु बीज एकत्रीकरण से लेकर पौध तैयार करने हेतु अपने विचार व्यक्त किये और वन पौध नर्सरी का कृषि वानिकी में महत्व को लेकर उचित मार्गदर्शन प्रदान किया। वानिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एस.बी.अग्रवाल ने कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन दिया और कहा कि क्षेत्र मध्यप्रदेश सहित अन्य क्षेत्रों में पौध नर्सरी में अपार संभावनाएं हैं। वैज्ञानिक डॉ. सोमनाथ सर्वदे ने 7 दिवसीय कार्यशाला की रूपरेखा एवं महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
7 दिवसीय प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, बिहार के 33 प्रतिभागी शामिल हुये। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु सोलंकी एवं आभार प्रदर्शन डॉ. यशपाल सिंह द्वारा कियाइस अवसर पर वानिकी विभाग के डॉ. राहुल डोंगरे, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद डोंगरे, डॉ. कैलाश कुमार, डॉ. अजय शाह, श्री पूर्णिमा मालवीया सहित कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
