जनेकृविवि में स्टार्टअप के लिये डेटा को सोने की तरह इस्तेमाल करके नवाचार को बढ़ावा देने विषय पर कार्यशाला

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हमारे यहां के पूर्व छात्र आज देश-दुनिया में अपना परचम लहरा रहे:डॉ. धीरेन्द्र खरे

जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. सतेन्द्र कुमार नायक, अपर निजी सचिव, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनकि वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री, भारत सरकार एवं श्री आशीष शर्मा, बिजनिस हैड, पे फाइनेंस का आगमन हुआ। इस दौरान कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा से दोनो पूर्व छात्रों ने सौहाद्र मुलाकात की।

इसके बाद कृषि महाविद्यालय, स्थित विवेकानंद सभागार में “स्टार्टअप के लिये डेटा को सोने की तरह इस्तेमाल करके नवाचार को बढ़ावा देने” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे के मुख्यआतिथ्य में संपन्न हुआ। मुख्यअतिथि की आसंदी से डॉ. धीरेन्द्र खरे ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिये बहुत ही गौरव की बात है कि हमारे यहां के पूर्व छात्र आज देश-दुनिया में अपना परचम लहरा रहे हैं, और जनेकृविवि पहुंचकर भी यहां के विद्यार्थियों के बीच अपनी सफलता और अनुभव को साझा कर रहे हैं। हमारे बीच पधारे डॉ. सतेन्द्र कुमार नायक और श्री आशीष शर्मा जरूर छात्रों के साथ स्टार्टअप के लिये डेटा को सोने की तरह इस्तेमाल करके नवाचार को बढ़ावा देने जैसे विषय की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे जो कि विद्यार्थियों के लिये बहुत ही प्रेरणादायी सिद्ध होगी।अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा ने स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम की रूपरेखा कीजानकारी प्रदान की।कार्यशाला में डॉ. सतेन्द्र कुमार नायक ने अपने अनुभव को साझा करते हुये कहा कि आने वाला समय स्टार्टअप्स का है, अतः अब छात्र अपने आईडिया को स्टार्टअप्स के रूप में परिवर्तित करके सफलता की सीढी चढ़ सकते हैं। आपने आगे कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं सांस्कृतिक विधाओं में सहभागिता कर अपने व्यक्तित्व का विकास करके अपने आपकों भविष्य के लिये तैयार करना चाहिये। डॉ. नायक ने कहा कि जो भी कार्य विद्यार्थियों को दिया जाता है उसे नियत समय पर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ संपन्न करना चाहिये। जिससे आपको उचित मंजिल और समाज में प्रतिष्ठा भी मिलेगी। आपने दाल एवं तेल वाली फसलों का विकास करने और किसानों को ऐसी फसलों को अधिक मात्रा में उत्पादित करने हेतु वैज्ञानिकों को प्रेरित किया ताकि हमारा देश इन फसलों पर आत्मनिर्भर बन सकें।श्री आशीष शर्मा ने कार्यशाला में स्टार्टअप के लिये डेटा को सोने की तरह इस्तेमाल करके नवाचार को बढ़ावा देने के विषय पर प्रकाश डालते हुये कहा कि चुनौती को स्वीकार करके निरंतर संघर्ष करते हुये, अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहने से मंजिल जरूर मिलती है। डाटा सेक्टर को अति महत्वपूर्ण बताते हुये डाटा को गोल्ड की संज्ञा दी। छात्रों को प्रेरित करते हुये कहा कि अपने आईडिया के आधार पर खुद का स्टार्टअप्स बनाएं जिससे रोजगार के द्वार खुलेंगे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित झा एवं आभार प्रदर्शन अधिष्ठाता डॉ. अनीता बब्बर द्वाराकिया गया।इस अवसर पर डॉ. बी.के. दीक्षित, डॉ. ज्ञानेन्द्र तिवारी, डॉ. नम्रता जैन, डॉ.एस.बी. अग्रवाल, डॉ. अनुभा उपाध्याय, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. सीमा नवेरिया, डॉ. बी.एस. द्विवेदी, डॉ. विकास गुप्ता. डॉ. आर.पी.साहू सहित प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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