हरित कांति से हरित भविष्य- डॉ. एस.के. पाटिल
ज.ने.कृ.वि.वि. में 22वें डॉ. के.के. अग्रवाल स्मृति व्याख्यान का आयोजन संपन्न
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के मृदा विज्ञानविभाग के अंतर्गत हरित कांति से हरित भविष्यः टिकाऊ मृदा विज्ञान नवाचार विषय पर 22 वें डॉ. के.के. अग्रवाल स्मृति व्याख्यान भारतीय मृदा विज्ञान समिति के जबलपुर चेप्टर द्वारा डॉ. एस. के. पाटिल, पूर्व कुलपति, इंदिरा गांधी. कृ.वि.वि., रायपुर के मुख्य वक्तृत्व में आयोजित किया गया। कार्यकम कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य, डॉ. ए.के. विश्वकर्मा, परियोजना समन्वयक (तिल और रामतिल), जबलपुर के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ। मुख्यअतिथि की आसंदी से कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में प्राकृतिक संसाधनों के उचित दोहन का उल्लेख करते हुये वन संरक्षण और परंपरागत कृषि प्रणाली के अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला।22वें डॉ. के.के. अग्रवाल स्मृति व्याख्यान मुख्य वक्ता डॉ. एस.के. पाटिल ने सभा को संबोधित करते हुए मृदा क्षरण मृदा कार्बनिक कार्बन में गिरावट, पोषक तत्वों का असंतुलन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और छोटे किसानों के बीच आर्थिक संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होने कहा कि भारत में आधुनिक मृदा विज्ञान प्रौद्योगिकी एकीकरण-रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, एआई और आईओटी और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसी पहलों के माध्यम से उन्नत हुआ है साथ ही मिट्टी को एक स्थिर सब्सट्रेट के रूप में देखने से लेकर एक गतिशील प्रणाली के रूप में दार्शनिक बदलाव, समग्र, पर्यावरण-केंद्रित और परिदृश्य-स्तरीय दृष्टिकोण जैसे कि कैटेना-आधारित और वाटरशेड-स्तरीय प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित किया। व्याख्यान का समापन करते हुए उन्होने कहा कि स्थायी हरित भविष्य को साकार करने हेतु अधिक धन, सहभागी मॉडल, नीतिगत समर्थन और प्रौद्योगिकी अपनाने की आवश्यकता है, जो डॉ. के. के. अग्रवाल के उस दृष्टिकोण का सम्मान करता है जिसमें उन्होंने कहा था कि मृदा, खाद्य सुरक्षा, पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और जलवायु लचीलेपन के लिए भारत की आधारभूत संपत्ति है।चेप्टर के अध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश दीक्षित ने स्वागत उद्बोधन, चेप्टर प्रगति विस्तार एवं मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत किया।
प्रशिक्षण कार्यकम का संचालन शोध छात्रा कु. गायत्री तुरकर एवं आभार प्रदर्शन डॉ. बी. एस.द्विवेदी, सचिव जबलपुर चेप्टर द्वारा किया गया।इस अवसर पर डॉ. नम्रता जैन, डॉ. एच.के. राय, डॉ. बी.एस.द्विवेदी, डॉ. अमित उपाध्याय डॉ. जी.एस. टैगोर डॉ. राकेश साहू, डॉ. आर.के. ठाकुर डॉ. जी.डी. शर्मा, डॉ. अभिषेक शर्मा, डॉ. फूलचंद अमूले, डॉ. किरण पटेल, डॉ. शैलू यादव, श्री धर्मेन्द्र, श्रीमुधकर श्री रवीन्द्र कछावे, श्री विकास पटेल, श्रीमति सोनिका, श्रीमती दीपा यादव सहित विभाग के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
