जनेकृविवि में तीन दिवसीय स्टार्टअप्स इन्क्यूवेशन कार्यशाला संपन्न
युवाओं को केन्द्रित कर एग्री-स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किये जाने की दिशा में सराहनीय पहल-डॉ.मनदीप शर्मा
स्टार्टअप्स एवं जवाहर-राबी के मध्य अनुबंधों का आदान-प्रदान कार्यक्रम संपन्न
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान में संचालित भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एग्री स्टार्टअप्स संवर्धन का कार्य 2018-19 से संचालित होता आ रहा है।
वर्तमान वर्ष तक एग्री स्टार्टअप्स के 6 बैच को भारत सरकार की उच्चस्तरीय अनुसंशित कमेटी द्वारा चयनित किया गया। छठवें बैच के 12 स्टार्टअप्स कंपनी एवं जवाहर राबी के मध्य अनुबंध (MOA) का आदान-प्रदान करने हेतु 3 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिसका समापन नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनदीप सिंह के मुख्यआतिथ्य एवं जनेकृविवि के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। मुख्यअतिथि की आसंदी से वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनदीप शर्मा ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा उद्यमिता, विकास एवं ग्रामीणों को नई दिशा प्रदान करने के प्रयास की सराहना की। डॉ. शर्मा ने युवाओं को केन्द्रित कर एग्री-स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किये जाने के कार्य को जनेकृविवि कुलपति डॉ. पी. के. मिश्रा को बधाई दी। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जनेकृविवि के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा कि कृषि की भूमिका एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने एवं सुदृढ़ करने की दिशा में एग्री स्टार्टअप्स एक महत्वपूर्ण माध्यम है। आपने जवाहर राबी द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को इस हेतु आकर्षित करने का सुझाव दिया।अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे ने स्टार्टअप्स को संबोधित करते हुये कहा कि जवाहर राबी द्वारा मध्यप्रदेश के ग्रामीण अंचलों से उद्यमियों को विकास की धारा में लाना एवं नई पहचान देने के प्रयास को सराहा।आईएबीएम के डायरेक्टर डॉ. मोनी थॉमस ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उपलब्ध्यिों पर प्रकाश डाला और 12 एग्री-स्टार्टअप्स कंपनियों के संस्थापक, सह. संस्थापक एवं उनके उत्पादों से अवगत कराया।
वर्ष 2019 से अब तक जवाहर राबी द्वारा कुल 196 स्टार्टअप को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिनमें से 63 स्टार्टअप्स को 527.75 लाख की ग्रांट-इन-एड स्वीकृत की गई है। इन 63 स्टार्टअप्स में से 46 मध्यप्रदेश से चयनित हुये हैं, जबकि 17 स्टार्टअप्स देश के 6 राज्यों छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड से हैं। आज 12 एग्री-स्टार्टअप्स का एमओए का आदान-प्रदान किया गया है। जोकि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस और सार्थक कदम है। बिजनेस मैनेजर डॉ. लवीना शर्मा ने कार्यक्रम में स्वागत भाषण दिया।कार्यक्रम में मुख्यअतिथि एवं अध्यक्ष द्वारा अनुबंध का आदान-प्रदान किया गया। इस अवसर पर इन कंपनियों को अनुदान की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा चयनित स्टार्टअप्स को व्यवहारिक ज्ञान से परिचित करने हेतु जे-राबी अपने विशेषज्ञ कोष से स्टार्टअप्स को प्रशिक्षित करने हेतु ऐसे करीब 45 से अधिक विशेषज्ञों का एक संकलन नॉलेज बैंकर्स का विमोचिन किया गया।कार्यक्रम का संचालन जवाहर राबी की अस्सिटेंट मैनेजर श्रीमति लक्ष्मी सिंह एवं आभार प्रदर्शन श्रीदीपांशु पटेल द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम में अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉ. अतुल श्रीवास्तव, सचांलक प्रक्षेत्र एवं अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. आनीता बब्बर, कुल सचिव डॉ. ए.के. जैन, लेखा नियंत्रक श्रीमति संजू तिवारी, उप लेखा नियंत्रक डॉ. अजय खरे, विभागाध्यक्ष, वानिकी विभाग डॉ. राकेश बाजपेयी, मृदा विज्ञान विभाग डॉ. बी. के. दीक्षित, कृषि अर्थषास्त्र एवं प्रक्षेत्र प्रबंधन डॉ. दीपक राठी, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग डॉ. रवि अग्रवाल, डॉ. मोहन सिंह, डॉ. ज्ञानेन्द्र तिवारी, डॉ. बी.एस. द्विवेदी सहित प्राध्यापक, वैज्ञानिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु डॉ. अनुपमा वर्मा, सहा. प्राध्यापक, डॉ. लवीना शर्मा, प्रबंधक, श्रीमती लक्ष्मी सिंह, सहा. प्रबंधक, श्री लवकेश पटेल, श्री दीपांशु पटेल, जवाहर राबी एवं श्री जय वर्मा, बी.पी.डी. यूनिट का विशेष योगदान रहा।
