आयकर विभाग ने शुरू किया देश भर में बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान
आयकर विभाग ने देश भर में कई जगहों पर बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य आयकर रिटर्न में कटौतियों और छूटों के फर्जी दावों को बढ़ावा देने वाले लोगों और संस्थाओं की जांच करना है।*आयकर विभाग ने 14 जुलाई 2025 को देश भर में एक व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आयकर रिटर्न (ITR) में फर्जी कटौतियों और छूटों के दावों की जांच करना है। इस अभियान के तहत, विभाग ने विशेष रूप से आयकर अधिनियम की धारा 80GGC के तहत राजनीतिक दलों को चंदे, फर्जी चिकित्सा खर्च, ट्यूशन फीस, और कुछ विशेष प्रकार के ऋणों के भुगतान के नाम पर झूठे दावों पर ध्यान केंद्रित किया है। विभाग ने 200 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की है, जिसमें व्यक्तियों, कर सलाहकारों, फाइलरों, और एकाउंटेंट्स की जांच शामिल है, जो इन फर्जी दावों को बढ़ावा देने में शामिल हैं। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब कुछ करदाताओं ने विभाग के ‘ट्रस्ट टैक्सपेयर्स फर्स्ट’ नीति के तहत स्वेच्छा से अपने गलत दावों को सुधारने के लिए अपडेटेड ITR दाखिल नहीं किया। विभाग ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे फर्जी दावों से बचें और अपनी आय, ईमेल, और फोन नंबर की जानकारी अपडेट रखें। जिन लोगों ने अभी तक अपने फर्जी दावों को वापस नहीं लिया है, उनके खिलाफ सख्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस अभियान में डिजिटल सबूत भी जुटाए जा रहे हैं, और यह कार्रवाई MNC, PSU, सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, और स्टार्टअप्स से जुड़े कर्मचारियों और उद्यमियों तक फैली हुई है।
