कथित पत्रकार पैसे लूटते कैमरे में कैद

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संदीप तिवारी और श्रीनाथ वर्मा का मेडिकल में जाकर पैसे लेने का वीडियो वायरल, नौरोजाबाद थाने में हुई शिकायत

नौरोजाबाद:- हाल ही में नौरोजनाबाद में लगातार डॉक्टरों और मेडिकल के खिलाफ कथित पत्रकार संदीप तिवारी ने मोर्चा खोल रखा है, रोज अनाब – शनाब खबरें सोशल मीडिया में मेडिकल के खिलाफ देखने को मिल रही है।

खबरों में आया नया मोड़
लेकिन अब खबरों के बीच ही कथित पत्रकारों की एक मेडिकल स्टोर में जाकर पैसे लेने का वीडियो वायरल हो गया है। जिसमे काली कलर की बोलेरो गाड़ी से दो लोग उतर कर एक मेडिकल में घुसते हैं और पैसे ऐंठ कर उसी गाड़ी में बैठ कर निकल जाते हैं।
मेडिकल संचालक ने जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई
जिस मेडिकल से संदीप तिवारी ने अपने साथी के साथ जाकर पैसे ऐंठे थे ।उसके संचालक किशन विश्वकर्मा ने बताया कि जिस दिन मैं मेडिकल के लिए दवाएं लेने बाहर गया था उसी दिन दो लोग मेरे घर जाकर मेरे भाई को मेडिकल में पाकर उसको इस कदर पत्रकारिता का पाठ पढ़कर डर दिखाया। संदीप ने कहा की तुम्हारी वीडियो बनाकर अगर कलेक्टर को भेज दूंगा तो कल तुम्हारी मेडिकल कलेक्टर खुद आकर सील कर देंगे। मेरी हर खबर पर कलेक्टर संज्ञान लेते हैं, मामला दबाना हैं तो कुछ ले देकर निबटाना पड़ेगा। फिर खरीद फरोख्त शुरू हो गई और डील 10,000 में फिक्स हो गई। जिसके बाद वीडियो में साफ तौर में देखा जा सकता है की मेडिकल काउंटर में पैसे घटने के बाद जेब से पर पूरे पैसे न होने पर घर से पैसे इकट्ठा कर परिजन(छोटे भाई) ने श्रीनाथ वर्मा के हाथ में पैसे दिए पर इन्होंने खुले पैसे वापस कर दिए और कहा लिफाफे में डालकर पैसे दो जो सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है लड़का दोबारा अंदर जाकर पैसे लिफाफे में पैक करता है और पैसों से भरा लिफाफा श्रीनाथ को देता है जिसे उपर की जेब में डाल दोनो अपनी गाड़ी को ओर बढ़ जाते हैं।

घटना की शिकायत जनसुनवाई एडिशनल एसपी और नौरोजाबाद थाने को सौंपा
मेडिकल संचालक ने इस पूरे मामले की शिकायत मंगलवार को जनसुनवाई और एडिशनल एसपी प्रतिपाल सिंह महोबिया जी से मिलकर की जिस पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है। अपराधियों को बक्शा नही जाएगा साथ ही संबंधित अधिकारी को जांच शुरू करने के भी निर्देश एसपी महोदय ने दिया।
नौरोजाबाद थाने में भी शिकायत दर्ज की गई है। जिसमे आरोपियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही का निवेदन किया है, साथ ही दोषियों के द्वारा पत्रकारिता का दुरुपयोग और मनमानी खबरे प्रकाशित कर आम आदमी के जिंदगी में दखलंदाजी कर मानसिक प्रताड़ना देने का भी काम किया गया। जिसके लिए ऐसे लोगों की प्रेस ID भी बंद होनी चाहिए साथ ही फिर कभी ये लोग पत्रकारिता न कर सके ऐसी कार्यवाही इन पर होनी चाहिए। क्योंकि संदीप के द्वारा चलाई जाने वाली खबर तथ्यहीन मनगढ़ंत और पैसे वसूली के उद्देश्य के लिए है। जिसकी भी कड़ी जांच होनी चाहिए।

पिछले कुछ वर्षों से कुछ कथित पत्रकारों ने मेडिकल विभाग को निशाना बना ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठने का धंधा बना रखा है। जिसमे छोटे मोटे डॉक्टर, मेडिकल संचालक , लैब टेक्नीशियन और पूरे मेडिकल फील्ड से मोटी रकम वसूली जा रही थी जिसकी इनकम की बात करें तो लाख रुपए महीने से भी ऊपर जा रही है।
इनके द्वारा मेडिकल सेवा देने वाले छोटे डॉक्टरों को इतना भयभीत किया गया की न चाहते हुए भी सभी इन्हे पैसे देने को मजबूर हो गए। क्योंकि जब भी इन्हे पैसे नहीं मिले तो अपने आप को पत्रकार बताने वाले इन दलालों ने खूब खरी खोटी झूटी खबरे छापी, जिस पर कलेक्टर सर ने भी लगातार संज्ञान लिया जो इनके कमाई का मोटा जरिया बन गया ।

हालांकि अति का अंत होता ही है और इनका भी काला सच कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।

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