अध्यापक शिक्षक सयुंक्त मोर्चा ने सामूहिक उपवास कर सौपा ज्ञापन
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा की प्रांतीय आह्वान पर जिला स्तर पर सामूहिक उपवास करते हुए जिला स्तर पर गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को समय 01:00 से गाँधी भवन विक्टोरिया क़े पास शिक्षक अध्यापक एकत्र होकर अपनी तीन सूत्रीय मांगों के समर्थन में जिसमें शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व तात्कालिक नियमों एवं परीक्षा के अनुसार भर्ती किए गए शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने, नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने एवं अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस के विरोध में अध्यापक संयुक्त मोर्चा जिला जबलपुर द्वारा उपवास कर ज्ञापन शाम 04 बजे माननीय मुख्यमंत्री महोदय एवं शिक्षा मंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया.सभी शिक्षक साथियो ने भारी संख्या मे उपस्थित होकर ज्ञापन कार्यक्रम को सफलबनाया. ज्ञापन सौंपते समय उमाशंकार पटेल,जगत पटेल,अजय रजक,अजय सिँह ठाकुर, दीपक पटेल, संध्या अवस्थी,रत्नेश मिश्रा,संतोष झारिया,भूमिका पटेल, ज्योत्स्ना उपाध्याय निशा पाठक मुकेश सोनकर सुनील नामदेव आनंद सिंह अधिकारी मंजू लता सोनी श्रुति जैन माधव पांडे सुनील दत्त तिवारी सुजाता हल्दकार विभा पटेल अरविंद तिवारी अजय परोहा प्रशांत राजपूत सविता तिवारी मनीष जैन रामकुमार कुशवाहा मुकेश कुमार रजक झनक लाल झरिया वसुंधरा खटीक दिनेश साहू सतीश दीक्षित इत्यादि सहित भारी संख्या मे उपस्थित रहकर 4 अक्टूबर को नीलम पार्क भोपाल में संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित जबलपुर संभाग के धरना प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई तथा जब तक टीईटी परीक्षा निरस्त नहीं होती तब तक भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन संभाग बार धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. सरकार से अध्यापक संयुक्त मोर्चा की मांग है कि सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर तमिलनाडु एवं कश्मीर की सरकार जैसे अध्यादेश लाकर केंद्र सरकार को शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले तत्कालीन नियमों एवं परीक्षा के अनुसार भर्ती किए गए शिशकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने हेतु प्रस्ताव भेजें तथा नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने एवं अव्यवहारिक ई अटेंडेंस को को समाप्त करने की मांग पूरी होने पर ही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन समाप्त होगा यदि सरकार अध्यापक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों से संवाद नहीं करती तो उग्र आंदोलन भोपाल में करने कि चेतावनी देते हुए मांग की है कि सरकार हमारी मांगों का शीघ्र निराकरण करें
