मुख्यमंत्री निवास पर महाकौशल के विकास पर सार्थक संवाद
मंत्री राकेश सिंह की पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले जबलपुर के उद्योगपती
जल्द होगा जबलपुर का मास्टर प्लान जारी : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
आज महाकौशल चेंबर ऑफ कॉमर्स के तत्वावधान में जबलपुर के उद्योगपतियों एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर विस्तृत चर्चा की। बैठक लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की पहल पर आयोजित की गई। बैठक में जबलपुर आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, मास्टर प्लान, सेमीकंडक्टर उद्योग, चिकित्सा, पर्यटन, रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और अधोसंरचना विकास सहित विभिन्न विषयों पर उद्योग एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जबलपुर की औद्योगिक, व्यापारिक और भौगोलिक क्षमताओं का बेहतर उपयोग करते हुए पूरे महाकौशल क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जबलपुर-केंद्रित विकास नीति पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने अगले माह जबलपुर में औद्योगिक कॉन्क्लेव आयोजित करने का आश्वासन देते हुए कहा कि इसके माध्यम से क्षेत्र की निवेश संभावनाओं को देश-दुनिया के प्रमुख निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर के साथ कटनी और नरसिंहपुर को जोड़कर व्यापक विकास क्षेत्र के रूप में आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित औद्योगिक कॉन्क्लेव में जबलपुर की औद्योगिक क्षमताओं, बेहतर कनेक्टिविटी, रक्षा एवं भारी उद्योगों की मौजूदगी, चिकित्सा एवं शिक्षा सुविधाओं, पर्यटन स्थलों और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने रखे विकास संबंधी सुझावलोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर महाकौशल का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ शिक्षा, चिकित्सा, रक्षा, व्यापार और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। शहर में उपलब्ध संभावनाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि जबलपुर में औद्योगिक कॉन्क्लेव आयोजित होने से स्थानीय उद्योगपतियों और निवेशकों को अपनी क्षमताएं प्रस्तुत करने का प्रभावी मंच मिलेगा। जबलपुर की सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ लॉजिस्टिक्स, आईटी, पर्यटन और सेवा क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जबलपुर-केंद्रित विकास नीति के अंतर्गत क्षेत्र की प्राथमिक परियोजनाओं को गति देने और उद्योगों के लिए आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराने का आग्रह किया।श्री सिंह ने कहा कि मास्टर प्लान में शहर के आगामी 20 से 30 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सड़क, परिवहन, आवास, औद्योगिक क्षेत्र, हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाने चाहिए। मास्टर प्लान तैयार करते समय जबलपुर के आसपास के क्षेत्रों और प्रस्तावित औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को भी समग्र रूप से शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में अधोसंरचना विकास में किसी प्रकार की बाधा न आए।उन्होंने कहा कि लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास से जबलपुर और आसपास के जिलों के उद्योगों को माल परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी तथा परिवहन लागत में कमी आएगी। सड़क संपर्क, रिंग रोड, औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच मार्ग और प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों के उन्नयन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय उत्पादों को देश के अन्य हिस्सों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी।लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि जबलपुर में चिकित्सा, शिक्षा और सेवा क्षेत्र के विस्तार से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों के लोगों को भी लाभ होगा। उन्होंने निजी क्षेत्र से अस्पताल, मेडिकल शिक्षा, कौशल विकास और हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश करने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि जबलपुर के पर्यटन स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क, संकेतक व्यवस्था, पार्किंग, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की आवश्यकता है। भेड़ाघाट, बरगी, कान्हा और पेंच जैसे पर्यटन क्षेत्रों के साथ समन्वित पर्यटन सर्किट विकसित करने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।*मास्टर प्लान में शामिल हों जनभावनाएं और स्थानीय सुझाव*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर के लंबित मास्टर प्लान को शहर की भावी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाना चाहिए। मास्टर प्लान में जनभावनाओं, स्थानीय परिस्थितियों तथा उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के सुझावों को समुचित स्थान दिया जाए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों से मास्टर प्लान में शामिल किए जाने योग्य सुझाव लिखित रूप में प्रस्तुत करने को कहा।*पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगा विस्तार*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर को क्षेत्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। प्राकृतिक परिवेश में रेस्क्यू सेंटर, टाइगर सफारी और अन्य पर्यटन परियोजनाओं की संभावनाओं का परीक्षण किया जाएगा। बड़े विमानों के संचालन और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए जबलपुर की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि जबलपुर की ब्रांडिंग इंदौर, भोपाल और ग्वालियर की तरह प्रभावी ढंग से की जाएगी। शहर की रिंग रोड, बेहतर सड़क संपर्क और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को निवेश एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।*उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव*बैठक में उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों ने औद्योगिक निवेश संबंधी अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और तेज करने, रियल एस्टेट एवं हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं के लिए सिंगल विंडो एवं समयबद्ध स्वीकृति व्यवस्था लागू करने तथा रेरा और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमतियां शीघ्र प्रदान करने का सुझाव दिया।प्रतिनिधियों ने सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग विकसित करने, अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने, बड़े होटल प्रोजेक्ट्स को विशेष सुविधाएं देने, 100 से अधिक कमरों वाले होटलों के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने और रेडी मिक्स कंक्रीट उद्योग को अलग श्रेणी में शामिल कर प्रोत्साहन एवं सब्सिडी प्रदान करने की मांग रखी।लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों के सुझावों का समर्थन करते हुए कहा कि स्थानीय उद्यमियों की व्यावहारिक कठिनाइयों का समाधान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश प्रस्तावों के लिए विभागीय समन्वय, समयबद्ध अनुमतियां और आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराने से जबलपुर में उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया तेज होगी। श्री सिंह ने कहा कि औद्योगिक कॉन्क्लेव से पहले स्थानीय उद्योगों और संभावित निवेश परियोजनाओं का विस्तृत संकलन तैयार किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की वास्तविक क्षमताओं और आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।बैठक में जबलपुर के उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत की बातों और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा जबलपुर में औद्योगिक कॉन्क्लेव आयोजित करने का आश्वासन दिया है। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की सकारात्मक पहल से जबलपुर के उद्योग और व्यापार जगत में नई उम्मीद और उत्साह का वातावरण बना है।उद्योगपतियों ने लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री श्री सिंह की पहल से जबलपुर के उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री जी के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला और जबलपुर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रदेश के सर्वोच्च स्तर पर रखने का अवसर प्राप्त हुआ।
