डॉ. बी. के. दीक्षित ने अमेरिका में तुलसी की दृष्टि में महर्षि वाल्मीक विषय पर दिया शोधात्मक व्याख्यान
संयुक्त राज्य अमेरिका के बो स्टर नगर स्थित विश्व के सबसे बड़े शिक्षा केन्द्र हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 16 अगस्त से 22 अगस्त तक समायोजित तुलसी जयंती कॉफेस में जनेकृविवि के सॉइल साइंस डिपार्टमेंट के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉ. ब्रजेश दीक्षित के द्वारा “तुलसी की दृष्टि में महर्षि वाल्मीक” विषय पर अत्यंत शोधात्मक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। आपने गोस्वामी तुलसी दास के अनुसार महर्षि वाल्मीक को विशुद्ध वैज्ञानी कविश्वर तथा मुनि निरूपित किया है, तथा अनेक शास्त्री उद्रणों से उक्त तीनों विशेषणों से पुष्टि किया। इसकी विश्वभर से समागत अकादमिक विश्वविद्यालयीन विद्वानों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।डॉ. दीक्षित ने कहा कि हरवर्ड यूनिवर्सिटी के 62 वर्ष पूर्व भारत के भी गोस्वामी तुलसी दास जी के द्वारा श्री रामचरित मानस के रूप में ओपन हरवर्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना की। आपने बताया कि श्री रामचरित मानस मूलतः हर अर्थात भगवान श्री शंकर के द्वारा रचित है। अतएव इसको आपने हरवर्ड निरूपित किया है। जो कि यह भारत के घर-घर में आज भी विज्ञान साहित्य कला की नैतिक शिक्षा दे रहे हैं।इस अवसर पर संस्कारधानी से डॉ. अखिलेश गुमास्ता की अंग्रेजी रामायण को भी विद्वानों ने सराहना की है, साथ ही श्रीमति मंजूषा शुक्ला के द्वारा रामभजन महिमा प्रस्तुत की गई।
