जनेकृविवि में खाद्यान्न प्रसंस्करण एवं संचयन चुनौतियों एवं समाधान शोध कृति का विमोचन
यह कृति अनाज उत्पादन के बाद उसे सुरक्षित रखने की दिशा में कारगर सिद्ध होगी-कुलपति डॉ.पी. के. मिश्रा
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर स्थित पोस्ट हार्वेस्ट प्रोसेस एवं फुड इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. व्ही. के. तिवारी व शोध छात्रा सौम्या सैनी की पाथेय संस्था द्वारा प्रकाशित शोधपूर्ण कृषि उपयोगी अलेखों की कृति “खाद्यान्न प्रसंस्करण एवं संचयन चुनौतियों एवं समाधान” का विमोचन कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि यह कृति अनाज उत्पादन के बाद उसे सुरक्षित रखने की दिशा में कारगर सिद्ध होगी। इस कृति में भण्डारण के बुनियादी सिद्धांतों एवं तरीकों को सरल रूप में प्रस्तुत करने की दिशा प्रदान की गई है। आपने कहा कि यह कृति पारंपरिक शिक्षा संस्थानों के लिए भी एक मार्गदर्शिका के रूप में उपयोगी हो सकती है।विभागाध्यक्ष डॉ. व्ही. के. तिवारी ने कहा कि इस अतिशेष उत्पादन ने हमारे सामने एक नई चुनौती पेश की है, वह है सुरक्षित भंडारण की। जब अनाज खेतों से निकलकर मंडियों तक पहुंचता है, तो उसे कीटो, नमी और बर्बादी से बचाना उतना ही महत्पूर्ण हो जाता है जितना कि उसे उगाना। आपने कहा कि बिना वैज्ञानिक विधियां अपनाएं सुरक्षित भंडारण संभव नहीं है। यह पुस्तक इसी महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डालती है कि, कैसे हम अपने इस अनमोल खजाने को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सुरक्षित रख सकते हैं। पाथेय संस्था के संयोजक श्री राजेश पाठक प्रवीण ने कहा कि कृति की नवीनतम तकनीकी से अनाज भण्डारण को अधिक लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।कृति विमोचन के दौरान पाथेय संस्था द्वारा कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा, विभागाध्यक्ष डॉ. व्ही. के. तिवारी एवं शोध छात्रा सौम्या सैनी का साल श्रीफल देकर स्वागत सम्मान किया है।इस अवसर पर कुलसचिव एवं संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. ए.के. जैन, संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी.आर.शर्मा, लेखानियंत्रक श्रीमति संजू तिवारी, इंजी. एस.के. जैन, डॉ. बी.एस.द्विवेदी उपस्थित रहे।
