औषधीय पौधें मानव जीवन के लिए बहुमूल्य धरोहर-कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा
जनेकृविवि में हरित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के लिए औषधीय पौधों पर जागरूकता कार्यक्रम
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र के मुख्यआतिथ्य में एवं अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खारे की अध्यक्षता में कृषि महाविद्यालय, जबलपुर के पौध कार्यिकी विभाग द्वारा हरित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के लिए औषधीय पौधों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉ. अतुल श्रीवास्तव, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. ए. के. जैन, संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी. आर. शर्मा, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. विजय यादव, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. अल्पना सिंह, उपस्थित रहे। कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने मुख्यअतिथि की आसंदी से कहा कि औधधीय पौधे मानव जीवन के लिए बहुमूल्य धरोहर है। इनके संरक्षण-संवर्धन एवं जागरूकता की दिशा में कार्य करने की सभी की जिम्मेदारी है। प्राचीन काल से ही भारत देश में औषधीय पौधों का एक अलग इतिहास रहा है। औषधीय पौधों पर जागरुकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्रओं और लोगों को प्रकृति. जड़ी बूटियों के पारंपरिक ज्ञान और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की यह अनूठी पहल बहुत ही सराहनीय है।संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. ए.के. जैन ने अपने उद्बोधन में औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि औषनीय पाँधे प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल का एक सुरक्षित और प्राकृतिक स्त्रोत है। आपने औषधीय पौधों की पहचान एवं देखभाल करने पर बल दिया, साथ ही एलोवेरा, मीठी नीम, पुदीना सहित अन्य मेडिशनल प्लांट के संबंध में जानकारी प्रदान की।गौध कार्यिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानेन्द्र तिवारी ने हरित पर्यावरण और स्वस्थ भविष्य के लिए लिए औषधीय पौधों पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के संबंध में संक्षिप्त जानकारी प्रदान की। इस दौरान आपने नीम, गिलोय ब्राम्ही और अश्वगंधा सहित अन्य पौधों के औषधीय गुण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम के मुख्यवक्ता डी. एस. के. द्विवेदी ने पर्यावरण दिवस एवं इसके इतिहास के सबंध में अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास हेतु जागरुकता और क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस उपलक्ष्य में प्रस्तावित मेडिसनल प्लांट एवेन्यू कार्यक्रम का उद्देश्य पारिस्थितिक संतुलन, जैव विविधता संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए औषधीय पौधों के रोपण को प्रोत्साहित करना है। आपने कहा कि औषधीय पौधों से लोगों को क्या फायदें होते हैं एवं इसके रोपण करने की विधियों की जानकारी देने हेतु इस तरह के जागरूकता कार्यकम होते रहना चाहिए।गया। कार्यकम का संचालन डॉ. सी.पी. शुक्ला एवं आभार प्रदर्शन डॉ सी. एस. पांडे द्वारा कियाइस अवसर पर उप लेखानियंत्रक डॉ. अजय खारे, डॉ. ब्रजेश दीधित. डॉ. अनुभा उपाध्याय, डॉ. आलोक बाजपेयी, डॉ. आर.एन.श्रीवास्तव, डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के प्रध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी, छात्र-छात्राए सहित अन्य उपस्थित रहे।
