जिला डिंडोरी खेमचरन वर्मे की रिपोर्ट आज दिनांक 11/04/26 को श्री रामबाबू देवांगन SDM डिंडोरी ,सुकमन कुलेश, उमेश कुशवाहा नायब तहसीलदार समनापुर द्वारा पटवारियो की समीक्षा बैठक में पटवारी वार सी.एम. हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा एवं नामांतरण बंटवारा सीमांकन प्रकरणों के संबंध में समीक्षा कर त्वरित गति से प्रकरण निराकरण करने हेतु SdM sir द्वारा निर्देशित किया गया। एवं जनगणना कार्य कार्य करने हेतु निर्देशित किया एवं शिकायत कर्ता से बात 03शिकायत संतुष्टि से बंद करायें गये। प्रारंभिक रूप से यह जनगणना 2021 में आयोजित की जानी थी, जिसमें आवास सूचीकरण अप्रैल 2020 से तथा जनसंख्या गणना 9 फरवरी 2021 से शुरू होने वाली थी। किन्तु विभिन्न कारणों, विशेषकर भारत में कोविड-19 महामारी के कारण, इसे लगातार स्थगित किया गया। इसके पश्चात संशोधित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना प्रक्रिया 2026–27 में आरंभ की गई।यह 16वीं जनगणना 1931 के बाद पहली बार जाति जनगणना को भी सम्मिलित कर रही है। हिमालयी क्षेत्रों जैसे लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा उत्तराखंड के हिमाच्छादित भागों में गणना कार्य सितंबर 2026 से प्रारंभ किया जा रहा है।[3]जनगणना के आंकड़ों का उपयोग लोकसभा की सीटों के पुनर्वितरण हेतु निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन में किया जाना प्रस्तावित था।[4] हालांकि, प्रारंभिक योजना के विपरीत, भारत सरकार ने परिसीमन के लिए 2027 की जनगणना के स्थान पर भारत की 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करने का निर्णय लिया है, ताकि महिला आरक्षण विधेयक के शीघ्र कार्यान्वयन में देरी न हो। इसके लिए एक संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।[सितंबर 2019 में अमित शाह ने घोषणा की थी कि आगामी जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा तथा इसे 16 भाषाओं में संचालित किया जाएगा।यह जनगणना भारत में पहली बार स्व-गणना (self-enumeration) की सुविधा भी प्रदान कर रही है, जिसके अंतर्गत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।