संस्कारधानी में समरसता की होली 8 मार्च को
सर्व समाज की बैठक में निर्णय – भव्य और एतेहासिक हो समरंग यात्रा
समरसता सेवा संगठन के तत्वाधान और सर्व समाज की सहभागिता से तीसरे वर्ष रंगपंचमी पर संस्कारधानी में होगा होली महोत्सव
समरसता सेवा संगठन के तत्वाधान में रंगपंचमी के अवसर पर लगातार इस तीसरे वर्ष में संस्कारधानी में समरसता की होली का आयोजन आगामी रविवार 8 मार्च को किया जायेगा, संस्कारधानी के सर्व समाज की सहभागिता से होने वाले इस आयोजन की तैयारियो हेतु सर्व समाज के प्रतिनिधियों एवं शहर के गणमान्य जनो की वृहत बैठक का आयोजन अग्रवाल बारात घर उखरी में किया गया।समरसता सेवा संगठन द्वारा आयोजित सर्व समाज की बैठक में उपस्थित जनों ने होली महोत्सव के आयोजन को हर वर्ष भांति इस वर्ष भी गरिमामय और एतेहासिक बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव दिए जिनके आधार पर इस आयोजन को सम्पन्न किया जायेगा।

समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने बैठक में बताया कि विगत तीन वर्षों से आप सभी के सहयोग और सहभागिता से समरसता सेवा संगठन सर्व समाज को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रहा है और प्रत्येक माह संतो, महापुरुषों, देवियों और अपने आराध्य की जन्मजयंती पर हम आयोजन करते है साथ साथ समरसता के प्रतीक पर्व होली और क़ज़ालिया पर सर्व समाज मिलकर संस्कराधानी में एतेहासिक आयोजन करती है, विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी होली के पावन अवसर पर रंगपंचमी को आयोजित होने संस्कारधानी में समरसता की होली का आयोजन इस वर्ष रविवार 8 मार्च को किया जायेगा। श्री जैन ने कहा इस वर्ष भी 8 मार्च को रंगपंचमी पर दोपहर 3 बजे समरंग यात्रा कलेही माता मंदिर मिलोनीगंज से प्रारम्भ होंगी, जो छोटा फुहारा, कोतवाली, सराफा, कमानिया गेट, बड़ा फुहारा, लार्डगंज, सुपर मार्केट, मालवीय चौक से होते हुए डी एन जैन कॉलेज प्रांगण पहुंचेगी जहाँ होली महोत्सव का आयोजन होगा।श्री जैन ने बताया पूज्य संतो के सानिध्य में निकाली जाने समरंग यात्रा में इस वर्ष अवध की होली, ब्रज की होली, मशाने की होली, इसकान मंदिर संकीर्तन मंडल के साथ विविध झाँकिया शामिल होंगी। यात्रा में शामिल संतजन अपने रथो से उपस्थित जनसमुदाय पर पुष्प वर्षा करेंगे साथ ही अलग अलग समाजो द्वारा स्वागत मंचों से सामाजिक जन यात्रा में शामिल संतो एवं जनसमुदाय पर पुष्प वर्षा करेंगे।श्री जैन ने बताया समरंग यात्रा के विश्राम के पश्चात डीएनजैन कॉलेज प्रांगण में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा साथ ही गुलाल और फूलो की होली खेली जाएगी. उन्होंने बताया इस वर्ष भी समाजो द्वारा पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जायेंगे जिसमे भिन्न भिन्न जायको का स्वाद आगँतुक जनों को मिलेगा। होली महोत्सव की यादो को संजोने के लिए सेल्फी पॉइंट बनाये जायेगे।श्री जैन ने कहा संस्कारधानी के इस होली महोत्सव के आयोजन को एतेहासिक, भव्य और गरिमामयी बनाने के लिए आप सभी के पूर्ण सहयोग की आवश्यकता है, और मुझे पूर्ण विश्वास ही कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सभी के सहयोग, समन्वय और सहभाग से समरसता की होली का आयोजन सफल होगा।बैठक में डॉ जितेंद्र जामदार, पं वासुदेव शास्त्री, श्री शरदचंद्र पालन, पं रोहित दुबे, श्री जगदीश चोहटेल, पं ब्रजेश दीक्षित, सरदार राजेंद्र सिंह छाबड़ा ने भी विचार व्यक्त किये। बैठक का संचालन सचिव उज्जवल पचौरी ने किया।इस अवसर पर कैलाश अग्रवाल बब्बा जी, तारु खत्री, सुरेश आसवानी डॉ सुनील मिश्रा, अशोक नामदेव, रामबाबू विश्वकर्मा, मेवालाल छिरोल्या, डॉ अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, एड सम्पूर्ण तिवारी, पं संजय गोश्वमी, राजेश पाठक प्रवीण, आलोक पाठक, प्रमोद पंडा, डॉ आनंद सिंह राणा, बृजेशअरजरिया, सरदार रंजीत सिंह, देवेश्वरी मोदी , शंकरलाल चौदहा, विद्वेष भापकर, सुनील श्रीवास्तव, सहेन्द्र श्रीवास्तव, संतोष नेमा, मनोज चौरसिया, आशीष चौरसिया, पं आशुतोष दीक्षित, अभिमन्यु जैन, नितिन भाटिया, सरदार जसबीर सिंह, कौशल सूरी, रत्नेश मिश्रा, अजय अधिकार, सुधा तिवारी, श्वेता सिंह, नीता जैन, श्वेता पचौरी, दीपमाला सोनकर के साथ बड़ी संख्या में समाजो के प्रतिनिधियों, संगठन के सदस्यों ने बैठक में शामिल होकर सुझाव दिए।
