प्री-मानसून मेंटेनेंस पर जोर: उमरिया वृत्त के चंदिया वितरण केंद्र में ट्री ट्रिमिंग व पेट्रोलिंग कार्य तेज, आगामी बारिश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की तैयारी
आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPPKVVCL) उमरिया वृत्त के अंतर्गत चंदिया वितरण केंद्र में प्री-मानसून मेंटेनेंस कार्य तेजी से किया जा रहा है। विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से विभाग द्वारा ट्री ट्रिमिंग (पेड़ों की कटाई-छंटाई) एवं लाइन पेट्रोलिंग का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
फीडरों पर विशेष कार्यवाही –
चंदिया वितरण केंद्र अंतर्गत 11 केवी हर्रवाह, 11 केवी नगर पालिका एवं 11 केवी घोघरी फीडर पर विशेष रूप से पेट्रोलिंग एवं लाइन क्लियरेंस का कार्य किया गया।
इन फीडरों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में विद्युत लाइनों के आसपास स्थित पेड़ों की ट्री ट्रिमिंग कर संभावित बाधाओं को दूर किया गया, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
प्री-मानसून मेंटेनेंस क्यों है जरूरी –
बरसात के मौसम में तेज हवाएं, आंधी-तूफान और भारी वर्षा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटकर बिजली लाइनों पर गिरने, तार क्षतिग्रस्त होने एवं शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
इन्हीं संभावित जोखिमों को कम करने के लिए प्री-मानसून मेंटेनेंस अत्यंत आवश्यक होता है, जिससे पहले ही आवश्यक सुधार कर लिए जाएं।
क्या होंगे इसके लाभ –
बिजली आपूर्ति में रुकावटों में कमी आएगी
फॉल्ट एवं ब्रेकडाउन की घटनाएं कम होंगी
उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली मिलेगी
आपातकालीन मरम्मत कार्यों की आवश्यकता घटेगी
अधीक्षण अभियंता की अपील –
अधीक्षण अभियंता, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPPKVVCL) उमरिया वृत्त द्वारा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे इस कार्य के दौरान विभाग का सहयोग करें।
यदि कहीं विद्युत लाइन के पास पेड़ों की शाखाएं या अन्य बाधाएं दिखाई दें तो तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।
बेहतर बिजली व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह प्री-मानसून मेंटेनेंस अभियान आगामी मानसून के दौरान सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
चंदिया वितरण केंद्र में किए जा रहे ये कार्य पूरे क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
