जनेकृविवि में आधुनिक संस्कृति में भारतीय गौवंश विषय पर कार्यशाला आयोजित

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देशी गौवंश रक्षण एवं संवर्धन न्यास महाकौशल प्रांत, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर और मध्यप्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड के संयुक्त तत्वाधान में आधुनिक संस्कृति में भारतीय गौवंश का महत्व एवं भारतीय देशी नस्लों की श्रेष्ठता विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन डॉ. गुरु प्रसाद सिंह, बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय वाराणसी के मुख्यआतिथ्य में हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनेकृविवि के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा, डॉ. संजय वाते, श्री राजकुमार जैन, डॉ. एम. एल. केवट, श्री सोहन विश्वकर्मा, श्री लाल बहादुर, वैद्या नंदनी भोजराज, वैद्या गरिमा तिवारी, श्री गजेन्द्र डहरवाल, श्री तुलाराम मंचासीन रहे। इस दौरान मुख्यअतिथि की आसंदी से डॉ. गुरू प्रसाद सिंह ने कहा कि भारतीय देशी गौवंश की उपयोगिता के माध्यम से कृषि प्रधान भारत की कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं सुपोषण पर आधारित हो। ऐसा हम सभी को संयुक्त प्रयास करना है जिससे कि देशी नस्ल की गौवंश का संवर्धन हो सके।कार्यशाला में मुख्यवक्ता श्री सुनील मानसिंहका, केन्द्रीय मंत्री, भारतीय गौवंश रक्षण संवर्धन परिषद ने अपने उद्बोधन में कहा कि एक मात्र गोबर और गोमूत्र ही, गाय को बचा सकता है. किसान को समृद्ध बना सकता है, बंजर होती भूमि को उर्वरा बना सकता है, शुद्ध जल व शुद्ध आहार दे सकता है, जिससे भारत देश परम वैभवशाली बन सकता है।कार्यशाला में कृषि आयुर्वेद विज्ञान, पशु विज्ञान, फार्मेसी एवं एलोपैथी के छात्र, गायत्री परिवार, विश्व हिन्दु परिषद, गौरक्षा विभाग, भारतीय किसान संघ, गौशाला संचालक, वैज्ञानिक, प्राध्यापक सहित बड़ी संख्या कार्यकर्ता उपस्थित रहे। दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री सतेन्द्र सिंह, प्रांत गौरक्षा प्रमुख, डॉ. गावस्कर बार्ली, अध्यक्ष देशी गौवंश रक्षण एवं संवर्धन न्यास एवं श्री उमेश मिश्र प्रांत मंत्री वि.हि.प. महाकौशल प्रांत की महती भूमिका है।कार्यशाला का संचालन डॉ. अमित शर्मा द्वारा किया गया।

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