80वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलपति डॉ. पीके मिश्रा ने कियाध्वजारोहण
जनेकृविवि के प्रशासनिक भवन में आयोजित हुआ स्वतंत्रता दिवस समारोह
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर मुख्यालय का राष्ट्रीय पर्व 80यां स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह, भारत रत्न अटल बिहारी वाजेपयी प्रशासनिक भवन में कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य में आयोजित हुआ। इस दौरान कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने ध्वजारोहण किया और सामूहिक राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में शामिल होकर सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। समारोह में कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने विश्वविद्यालय की त्रिवेणी कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं विस्तार के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी अपने उद्बोधन में दी। कुलपति डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रदेश शासन की मंशानुसार विश्वविद्यालय के 79 कर्मचारियों का प्रमोशन किया गया। इसके अलावा प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 36 कर्मचारियों को समयमान, वेतनमान प्रदान किया गया। आपने कहा कि नवाचार में कृषि यंत्र एवं शक्ति विभाग द्वारा विकसित मशीनरी के लिए 06 डिजाइन पेटेंट भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जा चुके हैं।कृषि महाविद्यालय, जबलपुर की छात्रा डॉ. निशी मिश्रा को 41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक कांग्रेस पुरूष्कार से सम्मानित किया गया। खाद्य विज्ञान विभाग की कॉप क्वॉलिटी प्रयोगशाला को एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त हुई। कृषि विज्ञान केन्द्र छिंदवाड़ा से तकनीकी मार्गदर्शन कर किसान हर्षित चौरसिया ने सौर ऊर्जा से चलने वाले स्प्रे पंप का अविष्कार किया।समारोह में प्रमंडल सदस्य डॉ. आदित्य मिश्रा, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकीय संकाय डॉ. एस.के. प्यासी, अधिष्ठाता उद्यानिकी संकाय डॉ. स्वाती बारचे, कुलसचिव व संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. ए.के.जैन, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. अल्पना सिंह, विश्वविद्यालय के लोकपाल डॉ. ए. के. सरावगी, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. विजय यादव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा, उपलेखानियंत्रक डॉ. अजय खरे, उपकुलसचिव डॉ. संजीव गर्ग, सुरक्षा अधिकारी डॉ.वाय. एम. शर्मा, सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. बी. एस. द्विवेदी सहित समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रही। इसके अलाया विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त अधिकारी, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारियों और एनसीसी व एनएसएस के छात्र-छात्राओं की भी उपस्थिति रही।
