जनेकृविवि में फलों की उन्नत उत्पादन तकनीकी विषय पर प्रशिक्षण संपन्न
शुष्क फलों को मार्केटिंग से लिंक करके बाजारोन्मुखी खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता कुलपति डॉ. पी. के. मिश्रा
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कृषि महाविद्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में अखिल भारतीय शुष्क क्षेत्र फल समन्वित अनुसंधान परियोजना, उद्यान शास्त्र विभाग द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में शुष्क क्षेत्रीय फलों की उन्नत उत्पादन तकनीकी विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन, कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा के मुख्यआतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता उद्यानिकी संकाय डॉ. स्वाती बारचे, संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जी. के. कौतु, संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी.आर.शर्मा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, जबलपुर डॉ. जयंत भट्ट, कुलसचिव डॉ. ए.के. जैन, उप लेखानियंत्रक डॉ. अजय खरे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बेल, आंवला, इमली, सीताफल जितने भी शुष्क फलों का उत्पादन जहां पर भी किसान कर रहे हैं। उन्हें वहीं से इन शुष्क फलों को मार्केटिंग से लिंक करके बाजारोन्मुखी खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। आपने पौष्टिकता की दृष्टि से शुष्क फलों के संबंध में भी अतिमहत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।अधिष्ठाता उद्यानिकी संकाय एवं उद्यान शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाती बारचे ने स्वागत उद्बोधन एवं प्रशिक्षण के महत्व व उद्देश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि शुष्क फलों में विशेष रूप से बेल, बेर, जामुन, सीताफल सहित अन्य फलों के उत्पादन तकनीक एवं उत्पादकता को बढ़ावा देना है। आपने इसकी उन्नत किस्मों के बारे किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।परियोजना प्रभारी डॉ. यू.के. चंदेरिया ने कार्यकम की रूपरेखा एवं संक्षिप्त जानकारी प्रदान की, साथ ही कहा कि यह परियोजना वर्ष 2009 से प्रारंभ हुई है, इसके माध्यम से किसानों को फलों की खेती एवं इसकी पैदावार सहित तकनीकी प्रशिक्षण समय-समय पर प्रदान किये जाते हैं।कार्यकम में मुख्यअतिथि कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा द्वारा सीताफल एवं जामुन की उन्नत, उत्पादन तकनीकी के फोल्डर का विमोचन किया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यकम में पनागर तहसील के झुरझुर, निपनिया सहित अन्य गांवों के किसानों को कुलपति डॉ. पी.के. मिश्रा एवं अतिथियों द्वारा उर्वरक खाद मिश्रण, कृषि यंत्र फाउड़ा एवं ग्राफिटकल बेल के पौधे वितरित किए गए।कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. बी.पी. बिसेन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. भारती चौधरी द्वारा किया गया।इस अवसर पर डॉ. बी.के. दीक्षित, डॉ. एच.के. राय, डॉ. राहुल डोंगरे, डॉ. रजनी शर्मा, डॉ. प्रमोद शर्मा, सहित विभाग के वैज्ञानिक कर्मचारी और किसान बडी संख्या में उपस्थित रहे।
