प्रेरणा-दिवस” को सेवा–संकल्प के रूप संकल्पित
24 दिसंबर 2025 प्रेरणा-दिवस : सेवा–संकल्प के रूप में आयोजित वृक्षारोपण एवं दुर्लभ पौध संरक्षण अभियान संपन्नक्रांतिवीर जनजातीय राष्ट्र-उन्नायकों की प्रेरणापूर्ण स्मृति को नमन करते हुए तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक चेतना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आज बसामन मामा गौ अभ्यारण्य, गौवंश वन्य विहार केंद्र, रीवा (मध्यप्रदेश) में “प्रेरणा-दिवस” को सेवा–संकल्प के रूप में मनाते हुए वृक्षारोपण एवं दुर्लभ पौध संरक्षण अभियान का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।इस अवसर को औपचारिक उत्सव के स्थान पर प्रेरणा-दिवस के रूप में स्वीकार करते हुए, इसे सेवा–संकल्प के भाव से जोड़ा गया, ताकि व्यक्तिगत अवसर समाज, प्रकृति, गोवंश एवं राष्ट्रहित से सार्थक रूप में संबद्ध हो सके।कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र के आदिवासी क्रांतिवीरों, जनजातीय राष्ट्र-उन्नायकों तथा प्रकृति-संरक्षण की प्राचीन जनजातीय परंपराओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना रहा। साथ ही विलुप्तप्राय एवं दुर्लभ वृक्ष प्रजातियों, औषधीय पौधों तथा पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन का संकल्प दोहराया गया।इस प्रेरणा-दिवस के अवसर पर माननीय उपमुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन, श्री राजेन्द्र शुक्ल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया तथा कहा कि भारतीय संस्कृति में धरती, वन, जल और गोवंश का संरक्षण सदैव जीवन-दर्शन का अभिन्न अंग रहा है।इस अवसर पर प्रेरणा-दिवस की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि जन्मदिवस को केवल व्यक्तिगत उत्सव न मानकर उसे आत्म-पुनर्स्मरण के अवसर के रूप में स्वीकार किया गया है। यह पुनर्स्मरण सेवा के लक्ष्य, उसके प्रति समर्पण की तीव्रता, कार्यों की दिशा तथा राष्ट्र और समाज के लिए किए जा रहे प्रयासों के विस्तार का आत्ममंथन है। इसी भाव के साथ यह निर्णय लिया गया कि यह दिवस प्रकृति, गौवंश और जनोपयोगी भूमि के सानिध्य में सेवा-संकल्प के रूप में मनाया जाए, ताकि लक्ष्य के प्रति निष्ठा और कार्य-गति को नए आयाम प्राप्त हो सकें।यह सेवा-संकल्प अभियान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की परिकल्पना “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” के अनुरूप सामाजिक समरसता, जनजातीय सम्मान एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।इस अवसर पर आयोजक श्री दयानिधि उर्मलिया, राष्ट्रीय संगठन मंत्री (ERDC) ने कहा—“राष्ट्र के क्रांतिवीर जननायकों से प्रेरणा लेकर यह प्रेरणा-दिवस सेवा-संकल्प के रूप में समर्पित किया गया है, ताकि धरती, गोवंश और भावी पीढ़ियों के संरक्षण का यह संकल्प निरंतर जीवित रहे।”कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही।
