लेख / विचार

अपराधी छवि वाले भी कुर्सी पर आसीन हो जाते हैं—लोकतंत्र के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है?

लेखक — चंद्रकांत सी पूजारी गुजरात लोकतंत्र को जनता की सर्वोच्च शक्ति का प्रतीक माना जाता है, जहाँ शासन जनता...

पौधे के साथ पंख बो दिया है, संभव है कि डाली पर चहचहाहट गूंज उठे !

रिपोटर चंद्रकांत सी पूजारी की एक रिपोर्ट गुजरात से डॉक्टर की डायरी: डॉ. शरद ठाकर डॉक्टर अपने व्यवसाय में से...

जब लोग अपने कर्तव्यों को भी समझते हैं, तब वे जाति-धर्म से ऊपर उठकर राष्ट्रहित के बारे में सोचते हैं

कर्तव्य-बोध व्यक्ति को एक व्यापक और दूरदर्शी दृष्टिकोण प्रदान करता है किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र की सुदृढ़ता केवल उसके संविधान,...

राजनीति अब सेवा नहीं, एक व्यवसाय बन चुकी है जहाँ भावनाएँ बिकती हैं और वोट खरीदे जाते हैं

कभी राजनीति को सेवा का सबसे पवित्र माध्यम माना जाता था। यह वह मार्ग था, जहाँ व्यक्ति अपने निजी हितों...