जनेकृविवि के फूड साइंस विभाग की क्रॉप क्वालिटी लेबोरेट्री NABL मान्यता प्राप्त

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जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की प्रेरणा तथा संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. ए.के. जैन एवं अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. अल्पना सिंह के मार्गदर्शन में व खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनुभा उपाध्याय के दिग्दर्शन में खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की क्रॉप क्वालिटी लेबोरेट्री ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नेशनल एकेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से मान्यता प्राप्त की। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय एवं विभाग के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उल्लेखनीय है कि क्रॉप क्वालिटी लेबोरेट्री के लिए NABL एक्रेडिटेशन की प्रक्रिया के अंतर्गत मार्च माह में सफलतापूर्वक मूल्यांकन पूर्ण किया गया था। दरअसल यह NABL प्रमाणन विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन, गुणवत्ता मानकों एवं परीक्षण प्रक्रियाओं की जांच के उपरांत प्रयोगशाला को प्रदान किया गया। यह मान्यता इस बात का प्रमाण है कि प्रयोगशाला में फसलों, खाद्य पदार्थों एवं कृषि उत्पादों की जांच राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, वैज्ञानिक सटीकता एवं विश्वसनीयता के साथ की जाती है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त होने पर कुलपति डॉ. पी. के. मिश्रा ने पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे ही नये-नये सोपान तय करे।नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) भारत सरकार के गुणवत्ता परिषद (Quality Council of India & QCI) के अंतर्गत कार्यरत एक शीर्ष राष्ट्रीय संस्था है, जो परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं की गुणवत्ता, दक्षता और तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन कर उन्हें मान्यता प्रदान करती है। NABL प्रमाणन यह सुनिश्चित करता है कि संबंधित प्रयोगशाला में परीक्षण कार्य निर्धारित गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, प्रशिक्षित विशेषज्ञों, मानकीकृत प्रक्रियाओं एवं आधुनिक उपकरणों के माध्यम से किया जा रहा है।खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की यह अत्याधुनिक क्रॉप क्वालिटी लेबोरेट्री विभिन्न प्रकार के अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य उत्पादों, प्रोसेस्ड फूड एवं विविध मसाले, जल, दूध एवं दुग्ध उत्पाद की गुणवत्ता जांच करने में सक्षम है। प्रयोगशाला में खाद्य पदार्थों में मिलावट, पोषक तत्व संगठन, नमी, प्रोटीन, वसा, फाइबर, खनिज तत्वों एवं अन्य गुणवत्ता मापदंडों की सटीक जांच आधुनिक तकनीकों द्वारा की जा सकती है। इस NABL मान्यता का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब इस प्रयोगशाला द्वारा जारी की गई टेस्ट रिपोर्ट्स राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक विश्वसनीय और मान्य होंगी। इससे किसानों, कृषि उद्यमियों, एग्रो-स्टार्टअप्स, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को अपनी फसलों और उत्पादों की गुणवत्ता प्रमाणित कराने में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात में गुणवत्ता प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी। यह उपलब्धि किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी, क्योंकि अब वे अपनी उपज की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराकर बेहतर बाजार मूल्य प्राप्त करने, गुणवत्ता आधारित व्यापार को बढ़ावा देने तथा मूल्य संवर्धन की दिशा में अधिक अवसर प्राप्त कर सकेंगे। वहीं शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध होने से अनुसंधान कार्यों को नई गति मिलेगी।विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को विभाग की तकनीकी उत्कृष्टता, वैज्ञानिक गुणवत्ता, समर्पण एवं टीमवर्क का परिणाम बताते हुए खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की संपूर्ण टीम को बधाई दी है। यह सफलता विश्वविद्यालय की शोध, परीक्षण एवं गुणवत्ता आश्वासन MY DOCUMENTS/PRO NEWS/Badri haldkar /2026PLEASE SEE MAILजवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर सूचना एवं जनसम्पर्क विभागके क्षेत्र में बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है तथा भविष्य में कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृ ष्टता को और अधिक प्रोत्साहित करेगी।इस अवसर पर अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. धीरेन्द्र खरे, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉ. अतुल श्रीवास्तव, अधिष्ठाता उद्यानिकी संकाय डॉ. स्वाती बार्चे, संचालक शिक्ष अभिषेक शुक्ला, संचालक विस्तार सेवाएं डॉ. टी.आर. शर्मा, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. विजय लेखानियंत्रक श्रीमति संजू तिवारी, उप लेखानियंत्रक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अजय खरे, ३ छात्र कल्याण डॉ. अमित शर्मा, तकनीकी अधिकारी इंजी. शरद जैन, सुरक्षा अधिकारी डॉ. शर्मा सहित विश्वविद्यालय के प्रध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी सहित अन्य ने बधाई प्रेषित की|

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