ग्रामीणों के मुताबिक, सर्वे कार्य में नियुक्त घनश्याम सिंह राजपूत ने अपना शासकीय मोबाइल एक गैर अधिकृत व्यक्ति राजेंद्र पिता रामेश्वर को सौंप दिया और उससे भवन नंबर “खा” का सर्वे कराया गया।
जनगणना एवं भवन सर्वे कार्य में गंभीर लापरवाही और बड़ा खेल सामने आया है। जिस कार्य की जिम्मेदारी अधिकृत कर्मचारियों को सौंपी गई है, वही काम अब गैर लोगों से करवाया जा रहा है। मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।ग्रामीणों के मुताबिक, सर्वे कार्य में नियुक्त घनश्याम सिंह राजपूत ने अपना शासकीय मोबाइल एक गैर अधिकृत व्यक्ति राजेंद्र पिता रामेश्वर को सौंप दिया और उससे भवन नंबर “खा” का सर्वे कराया गया। हैरानी की बात यह है कि संबंधित व्यक्ति किसी भी शासकीय रिकॉर्ड में सर्वे टीम का सदस्य नहीं है, फिर भी खुलेआम सरकारी डेटा भरता नजर आया।मामले को लेकर क्षेत्र के स्थानीय भाजपा मंडल उपाध्यक्ष तान सिंह ने जनपद पंचायत समनापुर के सीईओ से वीडियो और अन्य साक्ष्यों सहित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पटवारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी अब तक किसी जिम्मेदार पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को मजाक बनाकर नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अनधिकृत व्यक्तियों से सर्वे कराया जाएगा तो सरकारी रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज होने का खतरा बढ़ जाएगा। इसका असर भविष्य की सरकारी योजनाओं, राशन, आवास और अन्य सुविधाओं पर पड़ सकता है।ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शासन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।