जनेकृविवि में 8 अप्रैल को कषि मंथन कार्यक्रम,सीएम डॉ. मोहन यादव विवि के प्रशासनिक भवन का करेंगे लाकार्पण
कृषक कल्याण वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में नीति से समृद्धि की ओरः किसानों के लिए तकनीको, कौशल एवं बाजार की जानकारी का एकोकरण विषय पर राज्य स्तरीय विचार-विमर्श कार्यशाला का आयोजन 8 अप्रैल को माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्यातिथ्य एवं माननीय मंत्री, पंचायत और ग्रामीण विकास, श्रम विभाग श्री प्रहलाद पटेल, माननीय मंत्री, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री एदल सिंह कषाना, माननीय मंत्री, लोक निर्माण विभाग श्री राकेश सिंह, माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पशुपालन एवं डेयरी विभाग श्री लखन पटेल के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति जनेकृविवि डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा करेंगे। कार्यकम में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का पूजन एवं फीता खोलकर लोकार्पण किया जाएगा, इसके अलावा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा विश्वविद्यालय के अन्य भवनों का लोकार्पण ऑनलाइन कुलराशि रू. 16.37 करोड़ की राशि से निर्मित साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा भारत सरकार से वित्त पोषित 10 स्टार्टअप को रु. 108 लाख राशि के स्वीकृत आदेश प्रदाय करना तथा कृषि सखियों के प्रशिक्षण का शुभारंभ ऑनलाइन करेंगे।इस कार्यशाला में सारस्वत अतिथि के रूप में माननीय महापौर श्री जगत बहादुर अन्नू, माननीय विधायक श्री अजय विश्नोई, माननीय विधायक श्री अशोक ईश्वरदास रोहाणी, माननीय विधायक श्री अभिलाष पाण्डेय, माननीय विधायक श्री सुशील तिवारी, गाननीय विधायक श्री नीरज सिंह, माननीय विधायक श्री लखन घनघोरिया, माननीय विधायक श्री संतोष बरकडे, माननीय सांसद राज्यसभा श्री विवेक कृष्ण तन्खा, माननीया सांसद राज्यसभा श्रीमति सुमित्रा बाल्मोक, माननीय सांसद लोकसभा श्री आशीष दुबे, माननीया अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमति आशा मुकेश गोंटिया सहित अन्य अतिथि उपस्थित होंगे।इस कार्यकम को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए प्रौद्योगिकी, कौशल और बाजार संबंधी जानकारी का एकीकरण करना हैं। ताकि कृषि का रोडमेप बनाया जा सके और किसानों को नई-नई तकनीकों की जानकारी सुगमता से प्राप्त हो सके। पूरे कार्यकम में 4 तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। इस समूचे कार्यकम में कई नवीनतम उन्नत तकनीकियों को प्रदर्शिनी के माध्यम से प्रस्तुत किया जायेगा, जिसमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानीकी, अभियांत्रिकी आदि के संबंधित विभाग शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ शमिल होंगे। इस कार्यशाला में प्रगतिशोल किसान, स्टार्टअप और उद्यमी, शोधार्थी, वैज्ञानिक, एनजीओ आदि शामिल होंगे।
