शासकीय चंद्रविजय महाविद्यालय डिंडौरी में आज 28 फरवरी, 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में

जिला डिंडोरी खेमचरण वर्मे
ब्यूटी एंड वेलनेस भी एक वैज्ञानिक सोच की उपज है- डॉ0 ए0 के0 बेलियाब्यूटी (सौंदर्य) और वेलनेस (कल्याण) केवल ऊपरी चमक-धमक या शौक नहीं है, बल्कि यह जीव विज्ञान , रसायन विज्ञान और मनोविज्ञान के गहरे सिद्धांतों पर आधारित एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है। यह उद्गार थेशासकीय चंद विजय महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस एवं ब्यूटी एवं वेलनेस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह पर आयोजित एक संगोष्ठी में। उल्लेखनीय है कि शासकीय चंद्रविजय महाविद्यालय डिंडौरी में आज 28 फरवरी, 2026 को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर एवं अध्ययनरत विद्यार्थियों के सम्मिलित संगोष्ठी मैं विद्यार्थियों ने अपने अपने विचार साझा किए। प्राचार्य डॉ ए एस उद्दे के मुख्य आतिथ्य एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ पी सी उईके की अध्यक्षता में ब्यूटी एंड वेलनेस प्रशिक्षण समापन के दौरान प्रोफेसर चंद्रशेखर वेंकट रमन के आविष्कार ‘रमन प्रभाव ‘पर प्रकाश डालते हुएभौतिक शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ ए के बेलिया नेब्यूटी एंड वेलनेस का प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों को अवगत कराया कि वैज्ञानिक सिद्धान्तों एवं नवाचार के प्रयोग से संपूर्ण जीवन को खूबसूरत बनाया जा सकता है। वनस्पति शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ जीके सिंह ने प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-साथ हर्बल उपचार को विस्तार से समझाया। उन्होंने सर्वसुलभ, घरेलूपदार्थों के उपयोग व महत्व पर प्रेरक उद्बोधन दिया। प्राणी शास्त्र के प्राध्यापक प्रोफेसर बृजेश सिंह, कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर हरिशंकर गुप्ता एवं गणित विभाग से प्रोफेसर अनामिका मिश्रा ने भी अपने महत्वपूर्ण वक्तव्य से विद्यार्थियों में शोध प्रवृत्ति और नवाचार को बढ़ावा देने का प्रशंसनीय प्रयास किया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने भी आपने अपने विषय से संबंधितपाठ्यांश बखूबी बताने का प्रयास किया।ब्यूटी एंड वेलनेस प्रशिक्षण प्रभारी प्रोफेसर प्रगति साहू मैडम नेअपने वक्तव्य में विद्यार्थियों को बताया कि प्राप्त प्रशिक्षण को व्यावसायिक रूप दिया जा सकता है। इसके लिएआपका निरंतर प्रैक्टिस और गहराई से अध्ययन की आवश्यकता होती है।शेड मैप से उपस्थित जिला समन्वयक श्री शशिकांत शर्मा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन का सफल संचालन करते हुए विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त प्रशिक्षण को बारी बारी से विद्यार्थियों के द्वारा प्रेजेंटेशन कराया गया औरआश्वस्त किया कि विद्यार्थियों ने पिछले दिनों जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वह उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा। बीएससी के छात्र प्रशांत अहिरवार, जितेंद्र यादव, पूजा ठाकुर , कुमारी मीना की।इन दोनों कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता रही। ब्यूटी एंड वेलनेस प्रशिक्षक सुश्री रुचि यादव ने विद्यार्थियों को निरंतर प्रैक्टिस करते हुए अध्ययनरत रहने की सलाह दी औरव्यावसायिक क्षेत्र में ब्यूटी एंड वेलनेस के माध्यम से अर्जन के बारे में बताया।डॉ पी सी उईके ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सभी उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों कोविज्ञान के वरदान और अभिशाप की समझ को विकसित करते हुए विज्ञान के सकारात्मक पहलुओं से अपने आप को अपडेट रखने की बात कहीं। डॉक्टर उईके ने सभी को मिलावट एवं विशाक्त भोज पदार्थों के उपयोग से बचने की नसीहत दी। विज्ञान के नित्य नव प्रयोगों के माध्यम से वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरलता से समझ कर नवाचार के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में सभी विभागों के प्राध्यापक, भारी संख्या में विद्यार्थी एवं कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की।
