सेक्युलर हो तो मस्जिद में भी हनुमान चालीसा कराओ:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
सेक्युलरिज्म वन-वे नहीं हो सकता
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में आयोजित ‘पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों और पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला. साथ ही कानून-व्यवस्था, धार्मिक सौहार्द और प्रदेश की बदलती तस्वीर को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं.
सीएम योगी ने विपक्ष की सेक्युलर राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि अयोध्या के हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाने का काम किया गया था, तो फिर किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में पर्व और त्योहारों के दौरान अक्सर तनाव की स्थिति पैदा हो जाती थी. कई स्थानों पर पथराव-हिंसा की घटनाएं होती थीं और कर्फ्यू तक लगाना पड़ता था. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और लोग शांतिपूर्ण माहौल में अपने-अपने त्योहार मना रहे हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में किसी भी समुदाय (हिन्दू, मुस्लिम, सिख या ईसाई) का त्योहार हो, सभी लोग बिना किसी भय और व्यवधान के अपने पर्व उत्साहपूर्वक मनाते हैं. त्योहार संपन्न होने के बाद विभिन्न समुदायों के लोग उनसे मिलकर कार्यक्रम के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए धन्यवाद देते हैं. सीएम योगी ने कहा, “मैं उनसे कहता हूं कि नौ साल बाद अब इसके लिए धन्यवाद देने की आवश्यकता नहीं है. यह सरकार का दायित्व है कि हर नागरिक को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराए.”
त्योहार शांतिपूर्ण तरीके कराना पहला एजेंडा था
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के पहले दिन से ही उन्होंने तय कर लिया था कि हर पर्व और त्योहार शांति से मनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में इसे करके भी दिखाया है. उन्होंने लोगों से 2017 से पहले की सरकारों को याद करने को कहा और कहा कि अब कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है, जबकि एक समय इस यात्रा के दौरान हालात अलग हुआ करते थे.
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कुछ लोग पर्व और त्योहारों पर पथराव रोकने के नाम पर कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन और दुर्गा पूजा पंडालों पर रोक लगाने की बात करते थे. ऐसे लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, जो बेहद हास्यास्पद लगता है.
सेक्युलरिज्म वन-वे नहीं हो सकता
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाकर सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश की गई थी. ऐसे लोग किस मुंह से आस्था की बात करते हैं. विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगर कोई खुद को सेक्युलर मानता है और एक जगह नमाज पढ़वा सकता है, तो उसे किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ भी करवाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर दोनों काम साथ-साथ होते, तो माना जा सकता था कि दोनों समाज सहमत हैं. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सेक्युलरिज्म वन-वे नहीं हो सकता.
