प्रधानमंत्री मोदी की ‘1 साल तक सोना न खरीदने’ वाली अपील का संदेश गहरा है- रुपये को बचाना
विरोधी दलों को लग रहा दुनियां की जंग मोदी ही करा रहें
प्रधानमंत्री मोदी की ‘1 साल तक सोना न खरीदें’ वाली अपील के पीछे का असली संदेश गहरा है- रुपये को बचाना।
जैसे ही माननीय प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा तो मानो विरोधी दलों और देश विरोधी मानसिकता वालो के सामने भूचाल आ गया है। बिना समझे ही ऐसे अजीब लोग देश हित भूलकर प्रधानमंत्री श्री मोदी को कोसने लगे हैं जैसे दुनिया की जंग भारत ने ही कराई हो।
आज सभी को समझना होगा की भारत सालाना 800–900 टन सोना आयात करता है। जिससे डालर के रूप में रुपया देश से बाहर जाता है। वित्तीय वर्ष 25-26 में यह रिकॉर्ड $72 बिलियन तक पहुँच गया जो अपेक्षा कृत 24% की वृद्धि है। इसके चलते अब रुपये पर दबाव बना हुआ है। वहीं कच्चा तेल के बाद सोना हमारा सबसे बड़ा आयात है। हर एक डॉलर जो सोने पर खर्च होता है, वो रुपये को कमजोर करता है।
CEPA का खेल:
UAE से आने वाले सोने में 210% का उछाल आया है। ‘प्लैटिनम अलॉय’ के नाम पर ड्यूटी चोरी हो रही है, जिससे सरकार को ₹63,000 करोड़ का राजस्व घाटा हो रहा है।
