चिकित्सालय जबलपुर में दो दिवसीय जोनल स्तरीय नर्सेज प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक सम्पन्न
पश्चिम मध्य रेल के केंद्रीय चिकित्सालय, जबलपुर में नर्सेज की कार्यक्षमता और तकनीकी कौशल को निखारने के उद्देश्य से दो दिवसीय 09 एवं 10 मई 2026 को जोनल स्तरीय नर्सेज सीएमई (Continuing Medical Education) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक कुमार एवं सहायक नर्सिंग अधिकारी श्रीमती ललिता लाल के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट उपस्थितिकार्यक्रम के मुख्य अतिथि PCMD डॉ. बी.सी.एस. राव रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने नर्सिंग स्टाफ का उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सीमा मेहरा (ACMD), डॉ. शिवम कुलश्रेष्ठ (Dy CMD), डॉ. आर एन मिश्रा (ACHD/Admin), केंद्रीय चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक एवं विभागाध्यक्ष शामिल रहे। इस जोनल स्तर के कार्यक्रम में जबलपुर, कोटा और भोपाल मंडलों के नर्सिंग स्टाफ ने बड़ी संख्या में भाग लिया। दो दिनों तक चले इस सत्र में विशेषज्ञों द्वारा नर्सिंग और चिकित्सा क्षेत्र के आधुनिक विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया:-*तकनीकी दक्षता:* यूडीएम (UDM) और एचआईएमएस (HIMS) जैसे डिजिटल सिस्टम के प्रभावी उपयोग की जानकारी।*सॉफ्ट स्किल्स:* तनाव प्रबंधन (Stress Management), प्रभावी संवाद शैली (Communication Skills) और सॉफ्ट स्पोकन स्किल्स पर विशेष सत्र।*चिकित्सकीय देखभाल:* पेशेंट केयर, इंफेक्शन कंट्रोल, इमरजेंसी नर्सिंग मैनेजमेंट और डिजिटल हेल्थ सर्विसेज।*नवीन चिकित्सा पद्धतियाँ:* चिकित्सा के क्षेत्र में आ रही आधुनिक तकनीकों और जीवन रक्षक उपकरणों के संचालन का व्यावहारिक ज्ञान।*इमरजेंसी केयर एवं ट्राइएज:* आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को त्वरित और सटीक उपचार प्रदान करने की रणनीतियाँ।*संक्रमण नियंत्रण (Infection Control)*: अस्पताल परिसर में संक्रमण को रोकने के वैश्विक मानकों और प्रोटोकॉल पर चर्चा।*रोगी सुरक्षा और सॉफ्ट स्किल्स:* मरीजों के साथ बेहतर संवाद और उनकी मनोवैज्ञानिक देखभाल के पहलुओं पर जोर। इस प्रशिक्षण का प्राथमिक उद्देश्य नर्सिंग स्टाफ को आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों से अपडेट करना था। डॉ. बी.सी.एस. राव ने अपने संबोधन में कहा कि “नर्सिंग स्टाफ चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ है, और निरंतर प्रशिक्षण से ही हम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जा सकते हैं।” इस प्रशिक्षण के माध्यम से नर्सिंग कर्मचारियों के व्यावसायिक ज्ञान और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ मरीजों को बेहतर और अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में प्राप्त होगा।
