जिला डिंडोरी खेमचरण वर्मे की रिपोर्ट 8103275220 ग्राम बस्तरा शहपुरा क्षेत्र में सम्पन्न हुई 24 घंटे की दिव्य दुर्गा चालीसा पाठ यह संगठन पूर्ण आध्यात्मिक विचारधारा पर आधारित है तथा जन-जन के कल्याण की भावना एवं समाज में छाये असुरत्व, सामाजिक बुराइयों, छुआछूत व जातिपांति, साम्प्रदायिकता आदि के भेदभाव को मिटाकर मानव कल्याण के लिए हर क्षण तत्पर है। भगवती समिति (1973) ने “बेरोजगारी” (विकल्प 1) पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रोजगार और आय वितरण पर कार्य बल के रूप में आधिकारिक तौर पर जानी जाने वाली इस समिति को भारतीय सरकार द्वारा बेरोजगारी के मुद्दों का अध्ययन करने और समस्या के समाधान के लिए उपाय सुझाने के लिए नियुक्त किया गया था। भगवती मानव कल्याण संगठन (BMKS) की शाखाएं भारत के कई राज्यों और नेपाल में सक्रिय हैं, जो मुख्य रूप से नशामुक्त, मांसाहार मुक्त समाज के निर्माण के लिए महाआरती और जन-जागरूकता शिविर आयोजित करती हैं। प्रमुख शाखाएं मध्य प्रदेश (21+ जिले), उत्तर प्रदेश (50+ जिले), छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, उड़ीसा और नेपाल (2 जिले) में हैं। भगवती मानव कल्याण संगठनभगवती मानव कल्याण संगठन +2 मध्य प्रदेश (22+ जिले, 57 तहसीलें): सीधी, मऊगंज, हटा, तेन्दूखेड़ा आदि स्थानों पर नियमित महाआरती स्थल हैं।उत्तर प्रदेश: 50 जिलों और 33 तहसीलों में कार्यरत है।महाराष्ट्र (6 जिले, 3 तहसीलें): मुम्बई सेण्ट्रल लाइन और आमगांव (गोंदिया) में प्रमुख केंद्र हैं।नेपाल (2 जिले): थानकोट (अकलादेवी मन्दिर) और महेन्द्रनगर में शाखाएं हैं।अन्य क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर, उड़ीसा, झारखंड, गुजरात, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश। भगवती मानव कल्याण संगठनभगवती मानव कल्याण संगठन +5