संस्कारधानी समरसता कजलियां महोत्सव का इस वर्ष भी हनुमानताल सरोवर में होगा भव्य आयोजन
कजलियां महोत्सव हेतु स्थानीय जनों की बैठक संपन्न
समरसता सेवा संगठन द्वारा विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी चतुर्थ संस्कारधानी समरसता कजलियां महोत्सव का आयोजन आगामी 29 अगस्त को हनुमानताल सरोवर के समीप किया जायेगा, लगातार चौथे वर्ष आयोजित संस्कारधानी समरसता क़ज़ालियाँ महोत्सव के आयोजन को लेकर हनुमानताल क्षेत्र के स्थानीय जनों के साथ समरसता सेवा संगठन की बैठक का आयोजन समरसता सेवा संगठन के संस्थापक अध्यक्ष श्री संदीप जैन, अध्यक्ष श्री पवन पांडे, सचिव मनोज सेठ, श्री कैलाश अग्रवाल बब्बा, श्री रमाकांत मिश्रा, श्री सुरेश सराफ, श्री शैलेन्द्र मिश्रा, श्री जीवन रजक, श्री अनिल पाल, श्री अखिल मिश्रा, श्री उज्जवल पचौरी की उपस्थिति में जैन हवेली हनुमानताल में किया गया।वैठक में अध्यक्ष श्री पवन पांडे ने बताया हमारी सनातनी परंपरा में समरसता भाव से निहित पर्व क़ज़ालियाँ को समरसता सेवा संगठन द्वारा सर्व समाज की सहभागिता और सहयोग से संस्कारधानी में महोत्सव के रूप में पिछले तीन वर्षों में मनाया गया जिसमे प्रथम वर्ष का आयोजन सिटी बंगाली क्लब और विगत वर्ष का आयोजन दद्दा परिसर मदनमहल में किया गया था, तीसरे वर्ष यह आयोजन हनुमानताल में मेले के स्वरुप में भव्य स्तर पर आयोजित किया गया था और इस वर्ष भी यह आयोजन हनुमानताल में आयोजित होना है जो आप सभी के सहयोग से भव्य होगा ऐसा विश्वास हम सभी को है।

उन्होंने कहा चुंकि हनुमानताल क्षेत्र में यह आयोजन होना है तो यहाँ के स्थानीय निवासियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण और प्रभावी होंगी इस हेतु सभी के सुझाव हेतु आज संगठन की बैठक आयोजित की गई है।बैठक में उपस्थित गणमान्य जनों ने कार्यक्रम के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा समरसता सेवा संगठन के क़ज़ालियाँ महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी एतेहासिक हनुमानताल सरोवर के किनारे होने से हम सभी में उत्सुकता भी है और कार्यक्रम को लेकर उत्साह भी है क्योंकि विगत वर्षों में हुए कार्यक्रमों में हम सभी ने भागीदारी की थी और जिस तरह की भव्यता कार्यक्रम की रही है उससे अधिक नव्य, भव्य और दिव्य आयोजन इस वर्ष भी हनुमानताल में होगा इसके लिए हम सभी पुरे समर्पण के साथ समरसता सेवा संगठन के साथ है।बैठक में रत्नेश मिश्रा, पार्षद कविता चौरसिया, सत्यम रैकवार, आलोक पाठक, मनोज सेन, मनीष अग्रहरी, राजेश पाठक प्रवीण, लेखराज सोनकर, मिथलेश अग्रवाल, अनिल श्रीवास, सतेंद्र सिंह परिहार, आंनद श्रीवास, दीपक जैन, सुशील सोनी, रामजी मिश्रा, एड विवेक लखेरा, विजय सिंह राठौर, जुगल रैकवार, शरद चौरसिया, मनीष अग्रवाल मोनी, पवन केसरवानी, अनूप राय, राजकुमार राजपूत, राजा ताम्रकार, बबलू सोनकर, आशा मिश्रा, दीपमाला सोनकर, कुसुम चौबे, प्रीति ताम्रकार, पूजा अग्रवाल, रितु चौरसिया, ने शामिल होकर कार्यक्रम को भव्य और एतेहासिक बनाने सुझाव दिए।
