लखनऊ में हुई बीजेपी की अहम बैठकएनडीए को एकजुट रखने पर जोर

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दूसरे दिन आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अहम बैठक की. इस बैठक में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ चुनावी रणनीति और गठबंधन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई. बैठक में सीटों के समन्वय, संगठन की मजबूती और सभी सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल पर भी मंथन किया गया. सूत्रों के अनुसार, बैठक का फोकस सभी सहयोगी दलों को एकजुट रखते हुए 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति तैयार करना रहा. बैठक में अपना दल (एस) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल, सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद और राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता त्रिलोक त्यागी मौजूद रहे. सहयोगी दलों के साथ मंथन के बाद बीजेपी अध्यक्ष ने पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ अनौपचारिक चाय बैठक कर संगठनात्मक अनुभवों और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया. इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह, महेंद्र नाथ पांडेय, लक्ष्मीकांत वाजपेयी और भूपेंद्र चौधरी सहित वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने और चुनावी तैयारियों को धार देने पर अपने सुझाव साझा किए. पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए कि 2027 के चुनाव को लेकर संगठनात्मक सक्रियता और सहयोगी दलों के साथ बेहतर तालमेल उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.विपक्ष पर बरसे नितिन नवीनराम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में विपक्ष पर तीखा हमला बोला. शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि जो लोग आज राम मंदिर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वही पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व और रामसेतु पर भी सवाल खड़े करते थे. उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के जरिए भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दी है. नितिन नवीन ने कहा कि विपक्ष हिंदुओं की आस्था की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं रखता और 2027 में भाजपा फिर जीत दर्ज करेगी.

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